Without NEET Medical courses in hindi

Without NEET Medical courses in hindi

Without NEET medical courses in hindi:-कई स्टुडेंट का सपना हेल्थकेयर और मेडिकल फील्ड में करियर बनना होता है। जिससे हर साल लाखों छात्र 12वीं बोर्ड (पीसीबी) पूरा करने के बाद पूरे भारत के प्रतिष्ठित कॉलेजों में मेडिकल एन्ट्रेस एक्जाम के लिए अप्लाई करते हैं। लेकिन आज के समय में बढ़ते कंप्टिशन के चलते यह इतना आसान नहीं है और कुछ स्टुडेंट सफल हो पाते है ।

ऐसे में क्या आप नीट के बिना मेडिकल कोर्स की तलाश में हैं। ऐसे भी कई मेडिकल और पैरामेडिकल कोर्स उबलप्ध हैं, जिनमें प्रवेश के लिए NEET की आवश्यकता नहीं होती। NEET के बिना ये मेडिकल कोर्स उन छात्रों के लिए बेहतरीन हैं, जो NEET क्वालीफाई नहीं कर पाते या MBBS / BDS करना नहीं चाहते।

तो इस लेख में आप को नीट के बिना 12 वीं के बाद एक पेशेवर मेडिकल कोर्स के बारे में बता रहे है। NEET के बिना मेडिकल कोर्स में बीएसी  नर्सिंग, बीएसी बायोटेक्नोलॉजी, बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी, बैचलर ऑफ फार्मेसी, बीएसी साइकोलॉजी, बीएसी बायोमेडिकल साइंस के अलावा भी बहुत से कोर्स हैं। ऐसे में कैडिडेट सबसे अच्छा कोर्स चुनें जो आपकी रुचि और करियर पथ से मेल खाता हो। यहां पर आप जान सकेगें कि ऐसे मेडिकल कोर्स के बारे में जो नीट के बिना किया जा सकता है ।

Without NEET medical courses in hindi 

Bachelors of Science in Biotechnology

बायोटेक्नोलॉजी में बैचलर ऑफ साइंस (Bachelors of Science in Biotechnology) 3 वर्षीय ग्रैजुएट कोर्स है, जो मॉलिक्यूलर और अप्लाइड बायोकेमिस्ट्री पर बेस्ड है। What is Biotechnology? यह जानने के लिए इस लेख को पढ़ सकते है।  यह कोर्स स्टुडेंट को विभिन्न रिसर्च प्रोजेक्ट के जरिए पर्याप्त जानकारी और स्किल प्रदान करता है।

NEET के बिना मेडिकल कोर्स करने वाले छात्र बायोटेक्नोलॉजी में BSc करके विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी के अलग-अलग अवसर प्राप्त कर सकते हैं। इस क्षेत्र में बेहतरीन शिक्षा देने वाले कई कॉलेज हैं।इस फील्ड में काम कर रहें कैडिडेट को बायोटेक्नोलॉजिस्ट भी कहा जाता है।

बायोटेक्नोलॉजी में करियर कैसे बनाएं इससे संबधित अधिक जानकारी के लिए इस लेख Biotechnologist kaise bane/ बायोटेक्नोलॉजी में करियर कैसे बनाएं? को पढ़ सकते है।

Course fees: INR 50K – 4.5 LPA

Job Roles: Research Associate In-Vitro Biology, Marketing Manager, Research Analyst, etc.

Salary: 8.1LPA – 8LPA

Bachelors in Biomedical Engineering

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में बैचलर्स(Bachelors in Biomedical Engineering) बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में मेडिसिन और इंजीनियरिंग दोनों शामिल हैं। जीव विज्ञान और मेडिसिन में इंजीनियरिंग की तकनीकों को शामिल करके मानव स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के नए तरीकों पर काम करता है। यह कोर्स 4 साल तक चलता है, जिसे पूरा करने पर आप विभिन्न इंडस्ट्रीज में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग से जुड़े बेशुमार रोजगार के अवसर पा सकते हैं।

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग क्या है और इसमें कैसे करियर बनाएं इससे संबधित अधिक जानकारी के लिए इस लेख  Biomedical Engineer Kaise bane को पढ़ सकते है।

Course fees:- INR 50K – 4.5 LPA

Job Roles:- Biomedical Technician, Biomedical Engineer, Biochemist

Salary:- 1.9LPA – 10 LPA

B.Sc in Cardiovascular Technology

कार्डियोवैस्कुलर टेक्नोलॉजी में बैचलर ऑफ साइंस कार्डियोलॉजी में एक अंडरग्रेजुएट कोर्स है।  यह एक उभरता हुआ मेडिकल साइंस कोर्स है, जिसमें कंप्यूटर उपकरणों के साथ, इकोकार्डियोग्राफी, माइक्रोबायोलॉजी, लिम्फैटिक टिश्यूज आदि जैसी विभिन्न कार्डियोवास्कुलर बीमारियों और उनके इलाज के बारे में शिक्षा दी जाती है।

ये टेक्नोलॉजी कॉर्डिक (हार्ट) और पेरिफेरल वैस्कुलर काँडिशन (रक्त वाहिकाओं) के डाग्नेस्टिक और ट्रीटमेंट में  फिजिसियन की हेल्प करते हैं। कार्डियोवस्कुलर टेक्नोलॉजिस्ट मरीजों को ओपन-हार्ट सर्जरी और पेसमेकर इम्प्लांटेशन सर्जरी के लिए तैयार करने के लिए भी जिम्मेदार हैं। टेक्नोलॉजिस्ट सर्जरी के दौरान मरीज के हृदय संबंधी मापदंडों पर भी नजर रखते हैं।

बीएससी कार्डियोवैस्कुलर टेक्नोलॉजी (B.Sc in Cardiovascular Technology) में तीन साल का फुल टाइम ग्रेजूएट कोर्स है और यह मेडिकल में एक दिलचस्प और महत्वपूर्ण कोर्स है। सैलरी काऔसत वेतन प्रति वर्ष 3 लाख से 8 लाख

Course fees: INR 1LPA – 4LPA

Job Roles: Cardiovascular Technologist, Cardiologist, Medical Sonographer , & more,

Salary: 6.1LPA – 8LPA

B.O.Th (Bachelor of Occupational Therapy)

Occupational therapy ऑक्यूपेशनल थेरेपी का सीधा संबंध पैरामेडिकल से है। ऑक्यूपेशनल थैरेपी शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम लोगों को उनकी रोजाना की जिंदगी को सुगम बनाने में हेल्प करती है। इसकी जरूरत ऑटिज्म या इमोशनल डिसऑर्डर के शिकार हुए बच्चों और न्यूरोलॉजिकल या साइकेट्रिक डिसऑर्डर से प्रभावित युवाओं को होती है। इसके अंतर्गत शारीरिक व विशेष पेशेंन्ट की अशक्तता का इलाज किया जाता है। Occupational Therapy क्या है, इसमें कैसे करियर बनाएं इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए  occupational therapy में करियर कैसे बनाएं  इस लेख को पढ़ सकते है।

Duration: 4 years
Course fees: INR 15K – 80k

Job Roles: Occupational Therapist, Occupational Therapy Nurse, Counsellor, etc.

 

Bachelors of Science in Microbiology

माइक्रोबायोलॉजी में बीएससी तीन साल का कोर्स है माइक्रोबायोलॉजी सूक्ष्मजीवों का सांइटिफिक स्टडी है,माइक्रोबायोलॉजी में बैचलर ऑफ साइंस में बैक्टीरिया, फंग, वायरस, प्रोटोजोआ आदि जैसे सूक्ष्मजीवों के क्षेत्र में माइक्रोबायोलॉजिस्ट अनुसंधान शामिल है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हम जिस भोजन और पर्यावरण में रहते हैं वह सुरक्षित है। इस क्षेत्र में बहुत से रिसर्च एंड डेवेलमेंट चलते रहते है।

ये रिसर्च लैवोरेटरी, फूड इंडस्ट्री, एग्रीकल्चर आदि आदि में काम करते हैं। माइक्रोबायोलॉजी में वायरोलॉजी, बैक्टीरियोलॉजी, प्रोटिस्टोलॉजी, माइकोलॉजी, इम्यूनोलॉजी और पैरासिटोलॉजी सहित कई सब-विषय शामिल हैं।

माइक्रोबायोलॉजी क्या है और इसमें कैसे करियर बनाएं इससे संबधित अधिक जानकारी के लिए इस लेख माइक्रोबायोलॉजिस्ट कैसे बनें पूरी जानकारी?  को पढ़ सकते है।

Course fees: INR 50K – 2LPA

Job Roles: Bacteriologist, Virologist, Biochemist

Salary: 5.1LPA – 10LPA

Bachelor’s of Science in Nutrition

बीएससी इन न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स तीन साल एक अंडरग्रेजुएट कोर्स है जो न्यूट्रिशन, फूड साइन्स और डायटेटिक्स से संबंधित है। जो लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं। वे ह्युमन में विभिन्न फूड, डाइट, की प्रतिक्रियाओं को समझने के लिए विभिन्न परीक्षण और ऱिसर्च करते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट पेशेंट उनके वॉडी की स्थिति, एलर्जी आदि को समझने के बाद हेल्थ और फूड ऑप्सन सलाह देते हैं।

इस कोर्स वाले लोगों को अस्पतालों में काम करते देखा जा सकता है। खेल, सार्वजनिक स्वास्थ्य में सलाहकार के रूप में, और स्वतंत्र रूप से भी काम कर सकते हैं।

Nutrition and Dietetics करियर ऑप्सनसे संबधित अधिक जानकारी के लिए   How to Become a Nutrition and Dietetics (Dietitian) इस लेख  को पढ़ सकते है।

Course fees: INR 20K – 2.5LPA

Job Roles: Nutritionists, Dietitians, Food Quality Manager

Salary: 2.1LPA – 7LPA

Bachelor of Pharmacy

बैचलर ऑफ फार्मेसी [बी. Pharm] कोर्स चार साल का है। यह कोर्स एक पेशेवर स्नातक डिग्री कार्यक्रम है। B.Pharm कोर्सम किसी विशेष बीमारी के लिए मेडिसिएन के टेस्टिंग और रिसर्च में हेल्प करता है और पेशेंट को दवाओं की खुराक के बारे में जागरूकता देता है। चिकित्सकीय नुस्खे और उनके वितरण की उचित समझ बहुत आवश्यक है। फार्मास्युटिकल बायोटेक्नोलॉजी, बायोस्टैटिस्टिक्स, ह्यूमन एनाटॉमी और फिजियोलॉजी महत्वपूर्ण विषय हैं जो बी.फार्मेसी कोर्स के अंतर्गत आते हैं।

Course fees: INR 1L– 4L

Job Roles: Drug Safety Associate, Clinical Research Associate, Drug Inspector, Pharmacist, etc.

Salary: 2.1LPA – 4LPA

Bachelor of Arts Psychology

साइक्लोजी में (Bachelor of Arts Psychology) का तीन साल की अवधि के साथ एक ग्रेजुएट कोर्स है। अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के अनुसार, मनोविज्ञान मानव मन और व्यवहार का वैज्ञानिक अध्ययन है।

इस कोर्स में मानव विकास, खेल, स्वास्थ्य, नैदानिक, सामाजिक व्यवहार और संज्ञानात्मक प्रक्रिया जैसे कई उपक्षेत्र शामिल होते हैं। उम्मीदवार 12वीं के बाद बिना नीट के बीए ऑनर्स साइकोलॉजी का विकल्प चुन सकते हैं।

ग्रेजुएजेशन करने के बाद कैडिडेंट को निजी और सरकारी क्षेत्रों में आसानी से नौकरी मिल सकती है। उन्हें विश्वविद्यालयों, सरकारी एजेंसियों, क्लीनिकों, स्कूलों और अस्पतालों में नौकरी मिल जाती है। मनोविज्ञान स्नातक न केवल मनोवैज्ञानिक हैं, बल्कि एक सलाहकार, सीमा बल अधिकारी, मध्यस्थ, न्यूरोसाइंटिस्ट आदि के रूप में नौकरी पाते हैं।

 Course fees: INR 20K – 4LPA

Job Roles: Proof-reader, Writer, Psychologist, Child Counseling, Researcher, Screenwriter

Bachelor of Science in Genetics

 

साइटोजेनेटिसिस्ट गुणसूत्रों का स्टडी आनुवंशिक विकारों और रोगों का पता लगाने के लिए करते हैं। वे ब्लड, ऊतक और अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के माध्यम से आनुवंशिक रोगों का पता लगाने, एनलाइज और इंट्रपेटेशनकरने का काम करते हैं। आनुवंशिक विसंगतियों का पता लगाने के लिए। वे माइक्रोस्कोपी फोटोग्राफी डीएनए तकनीक आदि का उपयोग करते हैं।

साइटोजेनेटिसिस्ट अस्पतालों, क्लीनिकों और अनुसंधान प्रयोगशालाओं में काम करते हैं। इनके कार्य में अजन्मे शिशुओं और अन्य रोगियों पर परीक्षण शामिल है। भारत में यह एक उभरता क्षेत्र है। साइटोजेनेटिक्स में विशेषज्ञता मास्टर स्तर पर मिलती है और इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के इच्छुक लोग स्नातक स्तर पर आनुवंशिकी या बॉयोटेक्नोलॉजी की डिग्री का विकल्प चुन सकते हैं।

जेनेटिक  इंजिनियर कैसे बनें इससे संबधित अधिक जानकारी के लिए इस लेख  Genetic engineer kaise bane इस लेख को पढ़ सकते है ।

Course fees: INR 30K – 2LPA

Job Roles: Geneticists, Bio-Technician, Genetic Counselor

Salary: 2.1LPA – 5LPA

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