Sports Medicine me career kaise banaye: Best careers option in 2020

Sports Medicine me career kaise banaye

  Sports Medicine me career kaise banaye Full details: क्या आप  Sports Medicine  में करियर बनाना चाहते है। क्या आप ऐसे लोगों के लिए काम करना चाहते है खेल से जुड़ें हो यानि की  खिलाड़ियों के प्रैक्टिस के दैरान चोटिल होने पर इलाज करना। इस लेख में हम आप को career in Sports Medicine से जुड़ी जानकारी दे रहें है। How to make a career in Sports Medicine के लिए  कौन सा कोर्स करें, कोर्स के लिए योग्यता, कोर्स करने के लिए बड़े संस्थान,  करियर की संभावनाएं क्या, जॉब प्रोफाइल, सैलरी के बारे में जानकारी  देगें।

Sports Medicine me career kaise banaye

किसी भी खिलाड़ी के कामयाबी का पीछे Sports medicine physician का बड़ा हाथ होता है। खिलाड़ी किसी भी खेल का हो जैसे सचिन तेंदुरलकर एसएस धोनी, विराट कोहली, मेरी कॉम, पीवी सिंन्धु और कई सारे नाम है। लेकिन खिलाड़ी को खेलने या प्रक्टिस के दैरान चोटिल हो जाते तो खिलाड़ियों की देखभाल और उपचार एक स्पोर्ट्स मेडिसिन फिजिशियन ही करता है, और ये स्पोर्ट्स मेडिसिन को तहत आता है।

इस करियर क्षेत्र में आप नामी खिलाड़ियों से जुड़ें रहने का मौका मिलता है, दोस्तों बढ़ते खेल के कल्चर को देखते हुए इस क्षेत्र में करियर की अपार संभावनाएं है।

What is Sports Medicine

जब खिलाड़ी को खेलकूद और अभ्यास के दौरान चोट लग जाती है। चोटिल खिलाड़ियों की देखभाल और उपचार स्पोर्ट्स मेडिसिन के तहत आता है। स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट को खिलाड़ियों को जरूरत पड़ने पर ट्रीटमेट देना होता है और सावधानी के उपाय बताने होते हैं।

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दोस्तों देश-दुनिया में खेल की कल्चर तेजी से फैल रही है। अपने देश में इसका संबभावनाओ की बात करें तो केन्द्र सरकार से लेकर राज्य सरकारे खेल को बढावा देने के लिए कई योजनाएं चलाती है।, जिससे की खेलों की तरफ युवाओं का रुझान बढ़े। दोस्तों यहा तक आप को अन्दाजा लग गया होगा कि खेलकूद और अभ्यास को बढ़ावा मिलने के साथ स्पोर्ट्स मेडिसिन में करियर की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। अगर आप फिटनेस और मेडिसिन में दिलचस्पी लेते हैं तो यहां सुनहरा भविष्य आपका इंतजार कर रहा है।

 Career Opportunities-

इस करियर के क्षेत्र में संभावनाएं की बात करें तो खेलकूद की दुनिया में काफी कॉम्पटिशन है। खिलाड़ियों को हमेशा फिट रहना होता है। ऐसे में खिलाड़ियों की जिंदगी में स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट की अहमियत और जरूरत बढ़ जाती है। खिलाड़ी को खेल की दुनिया में अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए इस तरह के स्पेशलिस्ट की हेल्प और गाइडेल्स जरूरी होता है। खेलेने या अभ्यास के दौरान किसी तरह की चोट लगने पर स्पेशलिस्ट उनको उस स्थिति से उबरने में मदद करते हैं। जिससे कि खिलाड़ी अपने खेल में बेहतर प्रदर्शन कर पाता है, और रिकार्ड बना पाता है।

Sports medicine course qualification

स्पोर्ट्स मेडिसिन मेडिकल साइंस स्पेशलाइज्ड ब्रांच है। एमबीबीएस डिग्री लेने के बाद ही आप इस फील्ड में करियर बना सकते हैं। अगर आप स्पोर्ट्स मेडिसिन फील्ड में डिप्लोमा कोर्स करना चाहते हैं तो पहले आपको ऑल इंडिया स्पोर्ट्स मेडिसिन पोस्ट ग्रैजुएट एंट्रेंस टेस्ट देना होगा। एंट्रेंस टेस्ट में पास होने के बाद आपको इंटरव्यू देना होगा। ये दोनों राउंड क्लियर करने के बाद ही आपका ऐडमिशन हो पाएगा।

Institutes for Sports medicine

  • नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (NSNIS), पटियाला में 2 साल का पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स मेडिसिन (PGDSM)
  • डिप्लोमा बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट
  • गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर में स्पोर्ट्स मेडिसिन में एमडी और पीएचडी कार्यक्रम हैं।
  • इसके अलावाऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हाइजीन एंड पब्लिक हेल्थ, कोलकाता या श्री रामचंद्र यूनिवर्सिटी, चेन्नई से एमडी भी कर सकते है।

Sports medicine Job Profile

स्पोर्ट्स मेडिसिन फिजिशियन मुख्य रूप से खिलाड़ियों को चोट से उबरने में मदद करना ही नही होता है। बल्कि किसी खेल से पहले वह खिलाड़ी के फिटनेस लेवल की भी जांच करता है। इसके अलावा खिलाड़ी अगर मनोचिकित्सीय समस्याओं से जूझ रहा है तो डॉक्टर को उन चीजों के उपचार भी ध्यान देना होता है।

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काउंसिलर, कंसल्टेंट्स और परफॉर्मेंस एजुकेटर के तौर पर भी स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट्स अपनी सेवा दे सकता है। स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट के ज्ञान और मार्गदर्शन की मदद से खिलाड़ियों के फिटनेस और परफॉर्मेंस में बढ़ोतरी हो सकती है।

Sports Medicine Specialist Salary

स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट्स की सैलरी उनके रोल्स, अनुभव और जॉब के लोकेशन के मुताबिक अलग-अलग होती है। खिलाड़ियों को हमेशा फिट रहना होता है जिसमें उनकी मदद स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट करते हैं। ऐसे में स्पोर्ट्स मेडिसिन प्रैक्टिशनर की अच्छी कमाई होती है। भारत में उनकी शुरुआती सैलरी 40 हजार रुपये प्रति महीने है। ज्यादा अनुभव के साथ यह बढ़कर 1 लाख रुपये महीने हो सकती है। एक एक्सपर्ट 3 लाख रुपये महीने तक भी कमा सकता है।

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