Metallurgical engineering me career: Courses, Career Scope, Colleges and Salary

Metallurgical engineering me career Courses, Career Scope, Colleges and Salary

Metallurgical engineering me career:- मेटलर्जिस्ट के बारें में आप ने जरुर सुना होगा। क्या आप इस करियर ऑप्सन पर जानकारी चाहते है। क्या आप मेटलर्जिस्ट में करियर कैसे बनाएं इस पर जानकारी चाहतें है। इस लेख में कोर्स के लिए योग्यता, कोर्स बेस्ट संस्थान, करियर स्कोप, के बारे में….

Metallurgical engineering me career

यह करियर ऑप्सन ऐसा है जिसमें प्रोफेशनल को विभिन्न प्रकार धातुओं से जुड़े काम को करना पड़ता है। जब किसी भी धातु को प्राकृतिक रुप से खनन किया जाता है तो उसमें कई प्रकार की अशुद्धियां मिली होती है। जिससे इससे जुड़े प्रोफेशनल अपने तरीके से अपने प्रंसस्करण काम को अन्जाम देते है। आज के दौर में विभिन्न प्रकार की जरुरत को पुरा करने के लिए ज्यादा से ज्यादा खनन किया जा रहा है।

What is Metallurgist

मेटलर्जिस्ट का काम विभिन्न प्रकार धातुओं से बनने वाले पार्ट्स का डिजाइन तैयार करते हैं। जिन प्रक्रियाओं से उनको विभिन्न आकारों में ढाला जाता है, उन प्रक्रियाओं की वे देखरेख करते हैं। वे धातु से बने हिस्सों की वेल्डिंग और सोल्डरिंग का काम भी करते हैं। मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में करियर हमारी जरूरतों में वक्त के साथ कई ऐसी चीजें भी जुड़ी हैं, जो प्राकृतिक होकर भी अपने मूल रूप में हम तक नहीं पहुंचतीं। उनमें एक महत्वपूर्ण चीज है मेटल यानी धातु।

प्रकृति में कई प्रकार की धातु हैं, जो कई तत्वों (एलीमेंट्स) के रासायनिक संयोग से बनी हैं। इस कारण उनके गुणों (कैरेक्टरीस्टिक) में भी भौतिक और रासायनिक स्तर पर कई तरह की विशेषताएं देखने को मिलती हैं। ये विशेषताएं ही उनकी उपयोगिता (इंसानी जरूरत) का निर्धारण करती हैं। आज के दौर में इन्सान को विभिन्न प्रकार से धातुओं से जरुरी वस्तुओं की जरुरत होती है।

तांबा, एल्यूमीनियम, लोहा और टिन आदि धातुओं का इस्तेमाल वाहन निर्माण, बिजली विद्युत उपकरण और मशीनों के निर्माण में बड़े पैमाने पर किया जाता है। प्राकृतिक रूप में ये धातु अयस्क के रूप में मिलते हैं। इनमें अशुद्धियों (मिट्टी और अन्य तत्व) की भारी मात्रा होती है। इस कारण इनका तत्काल उपयोग संभव नहीं होता।

जिससे विभिन्न प्रकार के अशुद्धियों को दुर करना जरुरी होता है। इस प्रक्रिया में अयस्क से धातुओं को निकालने और उन्हें उपयोग लायक बनाने का कार्य मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग के जरिए होता है। इस विधा के जरिए ही खनन में मिले खनिजों से धातु अयस्क और फिर उससे धातु प्राप्त करने की सुगम प्रक्रियाओं का विकास किया जाता है।

What is a metallurgical engineering

मेटलिक एलीमेंट और उनसे बनने वाले कंपाउंड्स व मिक्सचर्स के रासायनिक और भौतिक गुणों का स्ट़डी मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग के तहत किया जाता है। मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में धातु अयस्क के प्राकृतिक भंडारों से धातु को प्राप्त करने, उनमें मौजूद अशुद्धियों को दूर करने और औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए धातुओं के मेल से मिश्रधातुओं (एलॉय) का निर्माण करने संबंधी प्रकियाओं और सिद्धांतों के बार में बताया जाता है। जिससे की प्रोफेशनल को इस फील्ड में गहरी नॉलेज हो सके।

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वही इसके तहत विभिन्न प्रक्रियाओं की प्रायोगिक जानकारी प्राप्त करने के लिए इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप, स्पेक्ट्रोग्राफ्स और एक्स-रे मशीन आदि तकनीकों का भी यूज किया जाता है। आप को बता दें कि मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग की यह शाखा मुख्य रूप से तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है। जिसमें सबसे पहला है -फिजिकल मेटलर्जी, दुसरा है एक्सट्रेक्टिव मेटलर्जी और तीसरा है मिनरल प्रोसेसिंग। इसके अलावा इसमें स्टडी के दौरान बैचलर डिग्री में इन भागों के आधारभूत सिद्धांतों के बारे में बताया जाता है, जबकि मास्टर्स में इनमें से किसी एक को स्पेशलाइजेशन का विषय बनाया जा सकता है।

Course Eligibility

मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में जाने के लिए इस फील्ड में जाने के इच्छुक कैडिंडेट 12वीं पास होना चाहिए। 12वीं में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित के साथ विज्ञान जैसे सब्जेक्ट होने चाहिए। आप को बता दें कि इसमें जाने के लिए डिप्लोमा, ग्रेजुएशन डिग्री, पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री, से लेकर उच्च के लिए पीएचडी भी कर सकते है।

मेटालर्जिस्ट बनने के लिए मेटालर्जिकल/मटीरियल इंजीनियरिंग में बैचलर की डिग्री अनिवार्य होती है। देश भर में कई कॉलेज हैं जो चार साल की बैचलर डिग्री ऑफर करते हैं। जिससे की मेटालर्जिकल इंजीनियरिंग का कोर्स किया जा सकता है। अगर ऐकडेमिक रिसर्च करने की योजना बना रहे हैं तो इस फील्ड में एमएससी या पीएचडी की डिग्री होनी चाहिए। कुछ कंपनियां लैब/औद्योगिक इंटर्नशिप अनुभव की मांग भी करती है। आप को बता दें कि मास्टर प्रोग्राम में एडमिशन के लिए कैंडिडेट्स को गेट एग्जाम को देना होता है।

Course

  •  डिप्लोमा इन मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग
  • बीई/ बीटेक इन मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग
  • एमटेक इन मेटलर्जिकल एंड मेटेरियल्स इंजीनियरिंग एमटेक इन स्टील टेक्नोलॉजी

Career profile

मेटालर्जिकल इंजीनियर (Metallurgical engineer): वे धातुओं की प्रोसेसिंग और उनको उपयोगी उत्पादों में बदलने का तरीका खोजते हैं। उनकी जॉब बहुत हद तक मेटालर्जिकल साइंटिस्ट की तरह होती है।
केमिकल मेटालर्जिस्ट (Chemical metallurgist): वे अयस्कों का परीक्षण करते हैं और यह पता करते करते हैं कि उनमें से धातुओं को कैसे निकाला जाए। वे असरदार ढंग से धातुओं की निकासी की प्रक्रिया तैयार करते हैं।
फिजिकल मेटालर्जिस्ट (Physical metallurgist): वे विभिन्न स्थितियों में धातुओं के व्यवहार की निगरानी करते हैं, रिपोर्ट लिखते हैं और रिसर्च करते हैं। मेटालर्जिकल नाकामी की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं की जांच भी वे करते हैं।

प्रोसेस मेटालर्जिस्ट (Process metallurgist): वे धातुओं से बनने वाले पार्ट्स का डिजाइन तैयार करते हैं। जिन प्रक्रियाओं से उनको विभिन्न आकारों में ढाला जाता है, उन प्रक्रियाओं की वे देखरेख करते हैं। वे धातु से बने हिस्सों की वेल्डिंग और सोल्डरिंग का काम भी करते हैं।

Salary

मेटालर्जिस्ट से जुड़े काम को कई इंडस्ट्री किया जाता है। इसे साथ ही हर इंडस्ट्री में सैलरी अलग-अलग होती है। एयरोस्पेस इंडस्ट्री में काम करने वाले मेटालर्जिस्ट अन्य इंडस्ट्री में काम करने वाले मेटालर्जिस्ट की तुलना में ज्यादा कमाते हैं। करियर की शुरुआत ही 7 लाख रुपये तक की सालाना सैलरी से होती है। जैसे जैसे प्रोफेशनल को अनुभव बढ़ता जाता है सैलरी में भी इजाफा होता जाता है। सीनियर लेवल पर पहुंचने वाले मेटालर्जिस्ट की सालाना सैलरी 15 लाख रुपये से भी ज्यादा होती है।

Career Scope

मेटालर्जिस्ट के तहत कोर्स कर चुके प्रोफेशनल के लिए मेटालर्जिस्ट से जुड़े कई इड्रस्ट्री में रोजगार के कई अवसर उपलब्ध हैं। ऐसी इड्रस्ट्री जो मेंटल्स या मेंटल प्रोडक्ट के प्रोडक्शन, खरीद, बिक्री या विनिर्माण में हैं। मेटालर्जिस्ट इड्रस्ट्री के विभिन्न इड्रस्ट्री और फैक्टरी यूनिट के रिसर्च एवं डेवेलमेंट डिपार्टमेंट में भी पाए जाते हैं। इड्रस्ट्री में मेटालर्जिस्ट प्रोफेशनल की बड़ी मांग है क्योंकि आज दुनिया धातु और मिश्र धातुओं की भरपूर आपूर्ति के बिना काम नहीं कर सकती है। इसके अलावा, वे सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (पीएसयू) में रोजगार के अवसरों की तलाश कर सकते हैं।

Top Recruiter Company

  • भेल ( BHEL)
  • इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (Indian Oil Corporation)
  • भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र( Bhabha Atomic Research Center)
  • एनटीपीसी (NTPC)
  • हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (Hindustan Copper Limited)
  • जिंदल स्टील(Jindal Steel)
  • केबल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (Cable Corporation of India)
  • फिनोलेक्स केबल्स लिमिटेड (Finolex Cables Limited)

टॉप कॉलेज / इंस्टीट्यूट

  • आईआईटी बॉम्बे महाराष्ट्र ( IIT Bombay Maharashtra)
  • आईआईटी कानपुर उत्तर प्रदेश (IIT Kanpur Uttar Pradesh)
  •  हिमालयन यूनिवर्सिटी अरुणाचल प्रदेश ( Himalayan University, Arunachal Pradesh)
  • स्कूल ऑफ फिजिक्स एंड मैटेरियल साइंस पंजाब (School of Physics and Material Science, Punjab)
  • इंडस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग गुजरात (Indus Institute of Technology and Engineering Gujarat)
  • ओपी जिंदल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी छत्तीसगढ़ ( OP Jindal Institute of Technology Chattisgarh)
  • विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान महाराष्ट्र ( Visvesvaraya National Institute of Technology Maharashtra)
  • राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान दुर्गापुर पश्चिम बंगाल ( National Institute of Technology Durgapur West Bengal)
  • इंदिरा गांधी प्रौद्योगिकी संस्थान उड़ीसा( Indira Gandhi Institute of Technology Orissa)

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