ISRO Antriksh Jigyasa Program: अब घर बैठे ही फ्री में करें स्पेस साइंस में कोर्स! जानिए डिटेल्स

नई दिल्ली: ISRO Antriksh Jigyasa Program. आज के डिजिटल के इस दौर में घर बैठे ही तरह-तरह के कोर्स कर सकते हैं। इन समय ऐसे कई कोर्स ऑनलाइन संचालित हो रहे हैं, जो घर बैठे ही पूरी पढ़ाई करा दे रहे हैं। सबसे खास बात ये हैं कि इस समय कुछ भी सीखना, पढना, या स्किल्स इंप्रुव करना चाहते हैं जो ऑनलाइन ही ढेरों कोर्स मिल जाएगें जिसके लिए आप को कही भी जाने की जरुरत भी नहीं पड़ती है किसी भी समय में ये कोर्स को एक्सेस कर सकते हैं।

वही स्टूडेंट लाइफ में तो और भी जरुरी हो जाता हैं को आज के समय के हिसाब से चला जाए और ऑनलाइन संचालित हो रहें कोर्स में एनरोल किया जाए और अपनी नॉलेज, स्कील आदि को बढ़ाया जाए।

आज हम यहां पर आप के लिए ऐसी ऑनलाइन कोर्स करने की जानकारी लाए हैं, जो शायद ही आप को फ्री में कराएं। बता दें कि साइंस के क्षेत्र में मुख्य रूप से स्पेस साइंस में दिलच्सपी रखने वाले छात्रों और पेशेवरों के लिए एक इसरो एक ऑनलाइन कोर्स लाया है जो आप बिना किसी फीस के कर सकते हैं। यानि फ्री में कर सकते हैं। जिसके लिए और को यहां पर किसी भी प्रकार का कोई फीस नहीं देनी होगी।

ये उन सभी छात्रों के लिए एक बेहतरीन अवसर है जो स्पेस साइंस में दिलचस्पी रखते हैं या फिर आगे चल कर इस क्षेत्र में अपना करियर बनाने की इच्छा रखते हैं। आज हम आप को इस विडियों में  इसरों के द्धारा संचालित हो रहे स्पेस साइंस के ऑनलाइन कोर्स के बारेे में बताने जा रहे हैं।

 स्पेस साइंस में करियर बनाने वाले एवं इस क्षेत्र में दिलचस्पी रखने वाले छात्रों के लिए इसरो ने एक नया और खास कदम उठाया गया है जिसके तहत अब बच्चों को अंतरिक्ष से जुड़ी अपनी जिज्ञासाओं और जानकारी के लिए ऑनलाइन कोर्स करने का अवसर मिलेगा।

इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन इसरो ने active learning & exploring Space Science Technology Engineering & Mathematics (एसटीईएम- STEM) के लिए एक नॉलेज पोर्टल अंतरिक्ष जिज्ञासा (knowledge portal Antriksh Jigyasa) को लॉन्च किया है। इसरो ISRO का यह अंतरिक्ष जिज्ञासा वर्चुअल प्लेटफार्म अंतरिक्ष विज्ञान प्रौद्योगिकी और एप्लीकेशन के माध्यम से छात्रों की सेल्फ लर्निंग स्पीड के आधार पर ऑनलाइन कोर्स उपलब्ध करवाता है।

इस वर्चुअल प्लेटफॉर्म के माध्यम से छात्रों को टेक्नोलॉजी, एप्लिकेशन और स्पेस साइंस के कोर्स ऑफर किए जाएंगे।

यहां पर स्टूडेंट इन सभी कोर्सज़  के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, ऐसे स्टूडेंट या उम्मीदवार जो स्पेस साइंस के क्षेत्र में इच्छा रखते हैं या अपनी नॉलेज बढ़ाना चाहते हैं, वे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।ऑफिशियल वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक इस प्रोग्राम में कुल 7 ऑनलाइन कोर्सेज हैं, जिन्हें चार नॉलेज पार्टनर्स के साथ मिलकर बनाया गया है, जिसमें कुल 42 वीडियो सेशन और 113 नॉलेज रिपोसिट्री ऑफर किया जाएगा। लेख आगे आप को बताते हैं अंतरिक्ष जिज्ञासा के इस प्लेटफॉर्म पर किस तरह के मंच को शामिल किया है।

शिक्षा गगन

शिक्षा गगन में छात्रों की पहुंच ई-लर्निंग मटेरियल और अन्य अध्यन समग्री तक करवाई जाएगी। जो ई-क्लास लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से मुमकिल है। छात्रों को खुद को लॉगिन कर अपने लॉगिन क्रेडेंशियल बनाना है जो 3 महीने तक सक्रिय रहेगा और उसी अवधि में छात्रों को अपना कोर्स पूरा करना है।

अंतरिक्ष वार्ता

इसमें छात्रों के साथ अंतरिक्ष मिशन की सफलाताओं की कहानियां, परिणाम और उस दौरान आई समस्याओं के अनुभव के बारे में जानकारी साझा की जाएगी। इस सत्र के दौरन जो छात्र रजिस्टर है वह अपने सवाल भी पोस्ट कर सकते हैं। बड़े तौर आउटरीच प्राप्त करने के लिए लाइव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का प्रयोग किया जाएगा।

स्काई-पिक्स

इसमें छात्रों को एस्ट्रोनॉमी, एस्ट्रोफिजिक्स, स्पेस साइंस से संबंधित अपनी रचनात्मक कल्पना और प्रतिभा का प्रदर्शन करना है। इसमें छात्र पेंटिंग, फोटोग्राफी और वीडियों प्रस्तुत कर सकते हैं।

अंतरिक्ष नवचर

इस मंच के माध्यम से छात्र अपने विचार, मॉडल, सॉफ्टरवेयर, तकनीक, समस्या समाधान विचार, शोध परिणाम और अन्य रचनात्मक चीजों को प्रस्तुत कर सकते हैं। इसरो समय-समय पर उनकी क्रिएटिविटी का मूल्यांकल करेगा।

स्पार्क-स्पेस पार्क

ये इसरो का पहला 3 डी वर्चुअल स्पेस पार्क है। इस पार्क में संग्रहालय, थिएटर, लाइफ-साइज रॉकेट वाला बगीचा, झील के किनारे कैफे, वेधशाला और बच्चो के खेलने के लिए एक क्षेत्र शामिल है।

अंतरिक्ष प्रश्नोत्तर

ये मंच छात्रों के लिए क्वीज प्लेटफॉर्म है। जिसमें अंतरिक्ष आधारित घटनाओं के अनुसार प्रश्न पूछे जाएंगे। कोर्स के दौरान छात्रों को इसरो द्वारा बनाई स्पेसक्विज में भाग लेना है और पास होने है।

कोर्स की जानकारी

इसरो द्वारा निकाले गए कोर्स में छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान, भौगोलिक सूचना प्रणाली, प्रोद्योगिकि, अनुप्रयोग, रिमोट सेंसिंग टेक्नोलॉजी जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे। इसी के साथ इस कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्र ई-लर्निंग मटेरियल और कंटेंट तक पहुंच बनाने के सक्षम होंगे।

बता दें कि यहां से कोर्स पूरा करने के बाद छात्रों को ऑनलाइन एक्टिविटी और असेसमेंट में भाग लेना होगा तभी वह कोर्स पूरा होने का सर्टिफिकेट प्राप्त कर पाएंगे। ध्यान देने वाली बात ये हैं कि  कोर्स की अवधि कुल 3 महीने की है तो जो भी उम्मीदवार इस कोर्स में प्रवेश ले रहे हैं उन्हें बता दें की उन्हें ये कोर्स इसी अवधि के भीतर पूरा करना है।

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तो  देर किस बात की अगर आप अंतरिक्ष जिज्ञासा लर्निंग प्रोग्राम में भाग लेने के लिए इच्छुक या पर आप के घर परिवार, दोस्तों या रिलेशनशिप में कोई स्पेस साइंस में करियर बनाना चाहता हैं तो उन्हें ये लेख जरुर शेयर करें जिससे  स्पेस साइंस के इस मह्त्वपूर्ण कोर्स के बारे में जानकारी मिले ऐसे स्टूडेंट स्पेस साइंस में भारत के लिए कुछ अच्छा और बड़ा कर पाए।

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