How to Become a Translator/Interpreter

How to Become a Translator/Interpreter

How to Become a Translator/Interpreter in Hindi: अब दुनिया बहुत हो चुकी है। अब कोई व्यक्ति सिर्फ अपने शहर, राज्य या सिर्फ अपने देश तक ही सिमित नहीं है। आज के समय हर व्यक्ति अच्छी जॉब्स की तलाश में कहीं भी जाने को तैयार है। साथ ही ग्लोबलाइजेशन के बाद ऐसे ही करियर की बहुत सी नई फील्ड डेवलप हुईं, जहां आपको अपने शहर, राज्य या सिर्फ अपने देश तक ही सिमित न रहना पड़े बल्कि बाहर जाकर काम करने का मौका मिल सके।

How to Become a Translator/Interpreter

बीते कुछ सालों में भारत में भी ऐसी ही फील्ड्स का तेजी से विकास हुआ है। जैसे कि ट्रांसलेटर और एंटरप्रेटर। ट्रांसलेटर और एंटरप्रेटर की डिमांड आज के समय प्राइवेट कंपनीज से लेकर गवर्नमेंट ऑर्गेनाइजेशंस में भी देखी जा रही हैं।

इस फील्ड में काम करने कई फायदे हैं, जैसे कि आपको रोज-रोज नई चीजें सीखने का मौका मिलेगा और साथ नई जगह घूमने का यानि देश-विदेश घूमने का भी पूरा मौका मिलता है। इसके अलावा कई मल्टीनेशनल कंपनीज में अलग से लैंग्वेज इंटरप्रेटर को हायर किया जाता है। जानकारों के मुताबिक, जैसे-जैसे फॉरेन कंपनीज का विस्तार भारत में होगा, वैसे-वैसे लैंग्वेज इंटरप्रेटर की डिमांड बढ़ती जाएगी।

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आज मैं इस आलेख में विस्तार से बाताउंगा कि इसमें करियर कैसे बनाना है, इसके बारे में हर एक जानकारी दूंगा। जैसे कि इसमें करियर बनाने के लिए आपको क्या-क्या करना होगा, क्वालिफिकेशन क्या होनी चाहिए और, आपके के लिए जॉब्स के कहां-कहां मौके हैं और इस करियर में सैलरी और ग्रोथ के क्या चांसेस हैं।

Qualification for Translators/Interpreters

  • सबसे पहले Translators/Interpreters बनने के लिए आपके पास Multiple language यानि कई भाषाओं का ज्ञान होना चाहिए? जैसे कि हिंदी और इंग्लिश के अलावा किसी तीसरी विदेशी भाषा का ज्ञान होना चाहिए।
  • इसके अलावा Translators/Interpreters बनने के लिए ट्रांसलेशन में डिप्लोमा कर सकते हैं।
  • आप यह कोर्स 12th या ग्रेजुएशन के बाद कर सकते हैं। कई यूनिवर्सिटी और कॉलेज इस तरह के कोर्स ऑफर करते हैं। और अलग-अलग कॉलेज अलग-अलग डिग्री डिप्लोमा कोर्स ऑफर करते हैं।

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हालांकि दोस्तों Translators/Interpreters बनने के लिए सिर्फ सिर्फ डिग्री और डिप्लोमा ही काफी नहीं है। इसके लिए लगातार प्रैक्टिस करना जरूरी है और साथ ही डीप नॉलेज की भी जरूरत होती है। इसके अलावा जिस भाषा का Translators/Interpreters बनना है उस भाषा यानि लैंग्वेज की ग्रामर और सांस्कृतिक व ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की नॉलेज होनी चाहिए।

 Jobs opportunities for Translators/Interpreters

  • दोस्तों आज के समय एंटरप्रेटर या ट्रांसलेटर के लिए काम की कोई कमी नहीं है। इसमें खास बात यह भी है कि इसमें आप पार्टटाइम से लेकर फुलटाइम करियर बना सकते हैं।
  • कई यूनिवर्सिटी, मल्टीनेशनल कंपनीज के अलावा, मार्केट सर्वे से जुड़ी कंपनी में काम कर सकते हैं।
  • इसके अलावा सरकार में लोकसभा-राज्यसभा से लेकर विदेश मंत्रालय में इंटरप्रेटर की डिमांड काफी है। विदेश में जाने वाले कई डेलिगेशंस में मिनिस्टर्स अपने साथ इंटरप्रेटर को जरूर ले जाते हैं।
  • यही नहीं विदेशी कंपनियों को किसी देश में अपना बिजिनेस स्थापित करने के लिए भी Interpreters की जरूरत पड़ती है। और टूरिस्ट को भी इंटरप्रेटर की जरूरत पड़ती है।
  • अगर आप सरकारी नौकरी करना चाहते हैं तो आपको Translators के तौर पर विदेश मंत्रालय या Embassy में जॉब मिल सकती है। लेकिन जैसा कि मैंने कहा, इसके लिए आपको एक विदेशी भाषा में पूरी तरह निपुण होना पड़ेगा।
  • इसके अलावा आप BPO, teaching जैसा काम कर या घर बैठे भी Freelance Work करके अच्छी खासी इनकम कमा सकते हैं।

 Salary and Career Growth

अगर भारत की बात करें तो  इस फील्ड में शुरुआती दौर में प्रोफेशनल्स की सैलरी 15 से 20 हजार रुपये होती है। एक्सपीरियंस हासिल करने के बाद आपकी सैलरी 30-40 हजार रुपये आसानी से हो सकती है।

घर बैठे Freelance Work करने वाला व्यक्ति 25 से 35 हजार रूपये कमा सकता है। साथ ही जैसे-जैसे एक्सपीरियंस बढ़ता जाएगा, वैसे-वैसे सैलरी भी बढ़ती जाएगी।

अगर आप विदेश में Translators/Interpreters की जॉब पा लेते हैं तो आप 25 हजार डॉलर से लेकर 45 हजार डॉलर सालाना तक कमा सकते हैं।

university for translators and interpreters

  • दिल्ली यूनिवर्सिटी से परशियन, पॉलिश, फ्रेंच, जर्मन, इटैलियन आदि में बैचलर डिग्री, मास्टर्स और पीएचडी कर सकते हैं।
  • जेएनयू, दिल्ली से फ्रेंच, जर्मन, चाइनीज, स्पैनिश, जैपनीज लैंग्वेज में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, बैचलर और पीजी कोर्स कर सकते हैं।
  • बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से जर्मन, फ्रेंच और इटैलियन, रशियन, जैपनीज लैंग्वेज में डिप्लोमा, डिग्री और मास्टर्स कर सकते हैं।
  • अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से परशियन लैंग्वेज में सर्टिफिकेट, बैचलर डिग्री और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं।
  • कर्नाटक यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन जर्मन लैंग्वेज और परशियन लैंग्वेज में बैचलर और पीएचडी कर सकते हैं।

इसके अलावा सेंट्रल इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्‍वेज, हैदराबाद और यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई से भी यह कोर्स कर सकते हैं।

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