How to become a social worker

How to become a social worker: सामाजिक कार्यकर्ता (social worker) सामाजिक कार्यों के लिए एक और किसी स्वयंसेवी संस्था के साथ या कंपनियों द्वारा चलाए जा रहे। किसी अभियान का हिस्सा भी बन सकते हैं। समाज में किसी भी समस्याओं को लेकर किया किसी स्वयंसेवी संस्था से जुड़कर अपनी सेवाएं दे सकते हैं।

आजकल युवाओं का रुझान इस तरफ ज्यादा ही हो रहा है। कुछ युवा मल्टीनेशनल कंपनी में अपनी जॉब छोड़ कर समाज सेवा की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। क्योंकि मानव सेवा का सबसे बड़ा धर्म है। अपनी आत्म संतुष्टि के लिए युवा अपनी विदेश में जॉब छोड़कर देश में समाज के लिए सोशल वर्कर बन रहे हैं। पिछले दिनों से युवाओं का रुझान सोशल वर्क की तरफ बढ़ रहा है जो उनके अंदर देश के लिए विकास में भागीदार बनने का जज्बा है।

वर्क प्रोफाइल

जिस तरह से आज हमारे समाज में अनेक प्रकार की समस्याएं हैं। जैसे किसी को बुढ़ापा मे परेशानी का सामना, मानसिक अवसाद, नशे की लत, बेरोजगारी, बढ़ रही है। इसलिए बेहतर अवसर के संकेत है अपना कैरियर बनाने के लिए इस सेक्टर में काम के लिए आपको आर्थिक पहलुओं, पारिवारिक समस्य को समझना होगा इसके लिए आपको सेमिनार कॉन्फ्रेंस जागरूकता कार्यक्रम और अन्य तरह से उपलब्ध संसाधन का प्रयोग कर सकते हैं। उन पर काम करना होता है इसकी आवश्यकता समाज सेवा में किसी भी डिग्री की जरूरत अधिक मायने रखती है।

समाज में किसी भी समस्या का अध्ययन उसके अच्छे ढंग से समझने के लिए हल निकालने के लिए कार्य करने के लिए आदि की जरुरत पड़ती है। तो इसके लिए देश के कई यूनिवर्सिटी में कई तरह के डिग्री, डिप्लोमा, कोर्स संचालित हो रहे हैं । इसके बाद सोशल वेलफेयर में मास्टर करना अच्छा रहता है। ये कोर्स यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित होते हैं। प्रवेश लेने के लिया प्रवेश परीक्षा से गुजरना पड़ता है साक्षात्कार से गुजरना पड़ता है।

करियर की संभावनाए

गांव व शहर में बढ़ती समस्याओं को लेकर जागरूकता अभियान, साक्षरता पर जोर एवं स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति गंभीर नजरिया विकसित होने से क्षेत्र में रोजगार की संभावना बढ़ी है। आप ग्रामीण विकास विभाग, सरकारी एजेंसियों, एनजीओ के अलावा इंडस्ट्रियल एवं कमर्शियल यूनिट और कॉर्पोरेट हाउसेस में सोशल साइंसेस प्रोफेशनल के लिए अवसर बड़े हैं।

इसके अलावा यूनिसेफ, यूनेस्को, रेडक्रास, ऑक्सफेम, जैसे अंतरराष्ट्रीय सगठनो से जुड़ कर अपनी सेवाएं दे सकते है। वहां पर अवसर हमेशा मौजूद रहते हैं। फेलोशिप अनुभव का फायदा उठाया जा सकता है। जिसमें आपको निम्न स्तर से सीखने को मिलता है इस तरह के क्षेत्र में जाने के लिए काफी मायने रखती है यंग इंडिया फ़ेलोशिप, गांधी फेलोशिप, शहरी क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र में उनकी समस्याओं को समझने का मौका मिलता है।

इसके अलावा और ऐसी अनेक फेलोशिप है। जो इस क्षेत्र में काम करने के लिए अनेक युवाओं को शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का जरूरतों को समझने का मौका मिलता है और इसके साथ डेवलपमेंट स्किल भी होती है।

प्रमुख संस्थान

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज मुंबई
दिल्ली यूनिवर्सिटी दिल्ली
महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ वाराणसी
गुजरात विद्यापीठ अहमदाबाद
जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली

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