GIS Expert kaise bane: जीआईएस एक्सपर्ट कैसे बनें /How to become GIS Expert?

GIS Expert kaise bane:- क्या आपको Google मेप amazing लगता हैं? क्या सैटेलाइट के जरिए लोकेशन ट्रैक करने की तकनीक आपको खास आकर्षित करती है? क्या आपका जियोग्राफी आपका पसंदीदा सब्जेक्ट है यदि हां तो आपको ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम यानि GIS में कैरियर बनाने के बारे में सोचना चाहिए। आज के इस लेख में हम बात करने वाले हैं। जीआईएस एक्सपर्ट कैसे बनें (GIS Expert kaise bane)। इस हाई डिमांड करियर ऑप्सन में लाखों में सैलरी मिलती है।

How to become GIS Expert / GIS Expert kaise bane?

ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) भूगोल की एक प्रमुख ब्रांच है, जो रिमोट सेंसिंग, डिजिटल तकनीक व हाईटेक विधियों से सुसज्जित है, इसमें पुरानें आंकड़ों के साथ-साथ नए आंकड़ों को भी अपडेट किया जाता हैं,  आज के समय में इस ब्रांच के  बढ़ते महत्व एवं उपयोगिता को देखते हुए विभिन्न uviversity में इससे सम्बंधित कोर्स कराये जाते है, यदि आप भी ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम में करियर बनाना चाहते हैं, तो इस लेख को पूरा पढ़ें।

आज के समय में ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम यानि जीआईएस का यूज हो रहा या फिर होने वाला है दोस्तों भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) एक ऐसी तकनीक है जिसका सभी प्रकार के स्थानिक या जिओग्राफिक डेटा को कैप्चर करने, स्टोर करने, अपडेट करने, Analyze, manage और display करने के लिए उपयोग होता है। GIS एप्लिकेशन ऐसा टूल हैं जो अंतिम यूजरओं को स्थानिक क्वेरी, स्थानिक डेटा में सुधार करने, विश्लेषण, और हार्ड कॉपी मैप बनाने की परमिशन देते हैं।

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यानी कि एक ऐसी टेक्नोलॉजी जो पृथ्वी के सरफेस पर जो कुछ भी बना है पर मकान सड़क नदियां पहाड़ जैसी स्थितियां को ऐसा डाटा विभिन्न कामों के लिए तैयार किया जाता है। ऐसे छात्र जो इसमें करियर बनाना चाहते हैं तो इसमें करियर बना सकते हैं इसमें एक ही फील्ड में नहीं बल्कि कई फील्ड में काम करने का मौका मिलता है जिसमें आपका इंटरेस्ट है उसमें जा सकते हैं। सबसे पहले आप को ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम के बारे में जानकारी दे देते हैं इसके बाद में आप को बताते हैं कैसे इसमें करियर बना (GIS Expert kaise bane) सकते हैं।

What is GIS / GIS Kya Hai?

जीआईएस भूगोल का एक ऐसा सॉफ्टवेयर है, जिसकी मदद से किसी भी क्षेत्र के टारगेट एरिया की मैपिंग की जाती है। मैपिंग करने के बाद क इकट्ठी की गई डाटा की हेल्प से ऑफिस में बैठे-बैठ ही उस पूरे फील्ड की सही जानकारी निकाल ली जाती है। 

जीआईएस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल डिफेंस, अर्थ साइंस, आर्किटेक्चर, एग्रिकल्चर, वि न्यूक्लियर साइंस, टाउन प्लानर, मोबाइल तथा पे मैपिंग आदि के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। इस सॉफ्टवेयर की मदद से किसी भी हैं जगह के हालात को और उसकी भूगोलीय संरचना को कंप्यूटर पर देखा एवं बनाया जा सकता है। इस डाटा को विकास के कामों में और कई समस्याओं को सॉल्व करने के लिए किया जा सकता है। आप को बता दें GIS के मुख्य सॉफ्टवेयर ILWIS, IDRISI, ArcGIS इत्यादि हैं।

क्या है GIS Expert के रोल और रेस्पॉन्सिविटी?

जीआईएस एक्सपर्ट बढ़ती व्यावसायिक मांगों के आधार पर जीआईएस एप्लीकेशन का डिजाइन, develop and manage करते हैं। भू-स्थानिक डेटाबेस का प्रबंधन और मानचित्र और हवाई फोटोग्राफी विकसित करना।

जीआईएस हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन का उपयोग करके भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) डेटा के ग्राफिक प्रतिनिधित्व को डिजाइन या तैयार करें।

जीआईएस विशेषज्ञ भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) डेटा का विश्लेषण करता है ताकि स्थानिक संबंधों की पहचान की जा सके या मानचित्रों, ग्राफ़ या tabular data, का उपयोग करके विश्लेषण के परिणाम प्रदर्शित किए जा सकें। मौजूदा भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) डेटाबेस को बनाए रखना या समय-समय पर अपडेट करना। जो भी संबंधित काम होते हैं एक जीआईएस स्पेशल एक्सपर्ट (GIS Expert kaise bane) करता है।

जियोग्रफिक इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के प्रमुख क्षेत्र :

  • जीआईएस ऐप्लिकेशन
  • जिओस्टेटिस्टीक
  • जीआईए डेवलपमेंट
  • वेबजीआईएस
  • फोटोग्रामैट्री
  • जीआईएस प्रोजेक्ट डेवलपमेंट

How to become GIS Expert/ GIS Expert kaise bane

अब बात करते हैं देश भारत में जी आईएस एक्सपर्ट कैसे बनाते हैं जीआईएस विशेषज्ञ कैसे बनें? दोस्तों आप को बता दें कि भारत में जीआईएस विशेषज्ञ बनने के 4 तरीके हैं जो इस प्रकार है।

कैरियर पथ 1- स्टूडेंट 12वीं गणित कर सकते है। फिर B.Tech Geoinformatics पूरा करें। इसके अलावा आप M.Tech Geoinformatics के साथ आगे बढ़ सकते हैं। इसके अलावा आप जीआईएस प्रौद्योगिकी में प्रमाणन के साथ आगे बढ़ सकते हैं।

कैरियर पथ 2- स्टूडेंट 12-कोई भी स्ट्रीम कर सकते है। फिर बी.टेक कंप्यूटर साइंस पूरा करें। इसके अलावा आप जीआईएस में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा या सर्टिफिकेट के साथ आगे बढ़ सकते हैं।

कैरियर पथ 3- स्टूडेंट 12वीं गणित कर सकता है। फिर बीएससी जियो इंफॉर्मेटिक्स पूरा करें। इसके अलावा आप M.Sc जियो इंफॉर्मेटिक्स के साथ आगे बढ़ सकते हैं। इसके अलावा आप सर्टिफिकेट जीआईएस के साथ आगे बढ़ सकते हैं। 

कैरियर पथ 4- स्टूडेंट 12-Anys ट्रीम कर सकता है। फिर भूगोल में बीएससी या बीए पूरा करें। इसके अलावा आप जीआईएस में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा के साथ आगे बढ़ सकते हैं।

जियोग्राफी इनफार्मेशन सिस्टम में कोर्स करने के लिए आप यूजी, पीजी, सर्टिफिकेशन, डिप्लोमा कोर्स, और पॉलिटेक्निक कोर्स से कर सकते हैं जिसमें एंट्रेंस एग्जाम की बात करें तो जेई मैंस, एडवांस गेट, गेट विटसेट, और ऐसे कई स्टेट लेवल के एग्जाम होते है जिसमें आप अपीयर होके पास करके कोर्स को सकते हैं। 

बता दें कि Geographic Information Systems एक्पर्ट के रुप में करियर बनाना चाहते हैं तो ArcGIS, Geographic Information Systems (GIS), Map study, Spatial ability, Python, Statistical Analysis जैसी स्किल्स में भी पारागंत होना चाहिए।

 दोस्तों अगर  आप GIS में यूजी, पीजी, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट, पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा सर्टिफिकेट कर लेते हैं  तो फिर इस फील्ड में कैरियर की बहुत अधिक संभावनाएं होती है। क्योंकि GIS से रीलेटेड कोर्स करने के बाद आपको इस सेक्टर में अनेकों जगहों पर Job करने का अवसर मिलता है। इसमे प्राइवेट और गवर्नमेंट दोनो सेक्टर में जॉब के बहुत से अवसर होते हैं ।

देश में प्रमुख शिक्षण संस्थान

For Graduation

  • UPES, College of Engineering Studies – [CoES], Dehradun
  • Institute of Remote Sensing, Anna University,Chennai
  • Andhra University College of Engineering, Visakhapatnam
  • Amity University, Noida
  • SRM University Kattankulathur, Chennai
  • University VOC College of Engineering, Thoothukudi
  • NIIT University – [NU], Neemrana
  • Andhra University, College of Engineering – [AUCE], Visakhapatnam

For Post Graduation

  • Indian Institute of Technology – [IIT], Mumbai
  • Indian Institute of Technology – [IIT], Kanpur
  • Indian Institute of Technology – [BHU IIT], Varanasi
  • Indian Institute of Remote Sensing – [IIRS], Dehradun
  • Institute of Remote Sensing, Anna University,?Chennai
  • Indian Institute of Space Science and Technology, Thiruvananthapuram
  • Indian Institute of Engineering Science and Technology Shibpur
  • SRM Engineering College, Kanchipuram
  • Graphic Era University – [GEU], Dehradun

प्रमख क्षेत्रों एवं केंद्रों में जॉब की संभावनाएं

जीआईएस का उपयोग भविष्य में लगभग प्रत्येक क्षेत्र में होने की संभावना है जैसे-

  • नेशनल रिमोट सेंसिंग एजेंसी (एनआरएसए)
  • डिजास्टर मैनेजमेंट
  • इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो)
  • स्पेस ऐप्लिकेशन सेंटर
  • नेशनल इन्फॉर्मेटिक सेंटर (एनआईसी)
  •  मिलिट्री कमांड
  •  नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट
  • अर्बन डेवलपमेंट ऑथोरिटी
  • इमर्जेंसी मैनेजमेंट
  • बिजनेस ऐप्लिकेशन
  • अर्बन डेवलपमेंट
  •  ट्रांसपोर्टेशन मैनेजमेंट
  • सोशियो-इकोनॉमिक डेवलेपमेंट

जीआईएस एक्सपर्ट की सैलरी

जीआईएस एक्सपर्ट की सैलरी शुरुआती में 4 लाख से 5 लाख का सालाना पैकेज हो सकता है। और इसके बाद अनुभव स्किल और के बढ़ने के बाद यह सैलरी में बढ़ोतरी होती रहती है। बता दें कि सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में  जॉब सैलरी में काफी बड़ा डिफरेंस होता है और उसके साथ ही रोल और रिस्पांसिबिलिटी में भी काफी अलग होता है।

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अगर आप सरकारी सेक्टर काम करने के लिए चुने जाते हैं तो आपको कई प्रकार की सहुलियतें लती हैं हालांकि प्राइवेट सेक्टर में भी आपको की कमी नहीं होती है इस फील्ड में आप को हमेशा अपने आप को अपडेट रखना होता है।

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