Geologist Scientist kaise bane

Geologist Scientist kaise bane

geologist scientist kaise bane Full details – क्या आप को प्रकृति से जुड़े खोजबीन, समस्याओं का निराकरण, पर्यावरण अध्ययन के बारें में रुचि रखते है। तो आप को लिए भूवैज्ञानिक वैज्ञानिक यानि की Geological Engineer में करियर बनाना अच्छा साबित हो सकता है। इस लेख में geologist scientist करियर ऑप्सन पर जानकारी दे रहे है। Geology and earth science में करियर बनाने के लिए कोर्स, कोर्स के लिए योग्यता, कोर्स कराने वाले संस्थान, जॉव प्रोफाइल, सैलरी के बारे में।

How to become a geologist scientist

आज को बदलते दौर में इस क्षेत्र में विकास होने से करियर के अपार संभावनाओं के द्धारा खोल दिए हैं। सरकार से लेकर कई प्राईवेट कंपनियों के विभिन्न बड़े- बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बन सकते हो। दुनिया में तेजी गति से विकास हो रहा है। जिससे कि कई बड़ी सी बड़ी परियोजना चलती रहती है। जिससे की आप भी उनका हिस्सा बन सकते है और भूवैज्ञानिक वैज्ञानिक बन कर अच्छी कमाई कर सकते है।

What is Geological Engineer Career

यह करियर ऑप्सन भूगर्भ से यानि की धरा जुड़ हुआ है। भूगर्भ के संबधित विकास के कार्य के लिए भूवैज्ञानिक की जरुरत पड़ती है। भूवैज्ञानिक इंजीनियरिंग में भूविज्ञान, सिविल इंजीनियरिंग और खनन, वानिकी और भूगोल जैसे क्षेत्र शामिल हैं। ये इंजीनियर मानव समस्याओं के लिए पृथ्वी विज्ञान लागू करते हैं। यह इंजीनियर विशेष क्षेत्रों में परियोजनाओं के लिए रॉक और मिट्टी ढलान स्थिरता के भू-तकनीकी साइट अध्ययन करते है।

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निर्माण स्थलों के लिए पर्यावरण अध्ययन, योजना भूजल अध्ययन, खतरे की जांच करना, जीवाश्म ईंधन और खनिज भंडार का पता लगाते है। इसके अलावा भूवैज्ञानिक इंजीनियर उन चीजों की जांच करते हैं जो सड़क का हिस्सा हैं, खानों और खदानों, बांधों, पेट्रोलियम उत्पादन, रेलवे, निर्माण परियोजनाओं, पाइपलाइनों और वानिकी कार्यों सहित पृथ्वी का हिस्सा बनते हैं।

भूवैज्ञानिक इंजीनियर प्रदूषण को लेकर भी अध्यन करते है,जैसे सफाई और पर्यावरणीय संबधित आकलन करते हैं। इसके अलवा खनिजों और पीने के पानी के लिए सर्वेक्षण, निर्माण सामग्री संसाधनों की खोज करते हैं, और संभावित भूस्खलन और भूकंप का नक्शा बनाते हैं।

कुछ प्रसिद्ध भारतीय भूवैज्ञानिकों भी रहें है जिनमें से दाराशॉ नौशेरवान (1883-1969), खड्ग सिंह वल्दिया, बीरबल साहनी (1891-1949), रबी नारायण बस्तिया, दासिका दुर्गा प्रसाद राव, प्रमथ नाथ बोस (1855-1934) के अलावा और भी हैं।

How to make a career in geology and earth science

भूविज्ञान और पृथ्वी विज्ञान के इच्छुक कैंडिडेट को किसी भी स्ट्रीम से अपनी 10 + 2वीं में पास होना अनिवार्य है। इसके बाद में किसी भी विश्वविद्यालय से भूविज्ञान में स्नातक की डिग्री या अन्य डिग्री होनी चाहिए।

ग्रेजुएट की डिग्री उत्तीर्ण करने के बाद, पोस्ट ग्रेजुएट में डिग्री ले सकते हैं। अगर आप सरकारी कॉलेजों में प्रवेश लेना चाहते हैं, तो आपको GATE 2020 की परीक्षा में शामिल होना होगा।

अगर आप हॉयर एजुकेशन करना चाहते हैं, तो आप डॉक्टरेट डिग्री कोर्स भी कर सकते हैं। इसके अलावा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) केंद्र सरकार की एजेंसियों के लिए भूवैज्ञानिक परीक्षा आयोजित करता है।

Course for geology and earth science

भारत में, विभिन्न विश्वविद्यालय और संस्थान भूविज्ञान में ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और डॉक्टरेट की डिग्री प्रदान करते हैं। जियोलॉजिस्ट के रूप में अपना करियर बनाने के लिए आप दिए गए पाठ्यक्रमों को अपना सकते हैं।

Graduate Degree

ग्रेजुएट डिग्री की अवधि तीन से चार वर्ष है।
भूविज्ञान, पृथ्वी विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान में कला स्नातक (बी.ए.)
भूविज्ञान, पृथ्वी विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान में विज्ञान स्नातक (बी.एससी।)
जियोलॉजी में बैचलर ऑफ साइंस (ऑनर्स।)

Post graduate Degree

पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री के अवधि दो वर्ष की होती है।
भूविज्ञान में मास्टर ऑफ साइंस (M.Sc), अनुप्रयुक्त भूविज्ञान
भूविज्ञान में मास्टर ऑफ साइंस (ऑनर्स।)
भूविज्ञान में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी, एप्लाइड जियोलॉजी

Doctoral Courses:

भूविज्ञान में पीएच.डी.

Top University geology and earth science

भारत में ये यूनिवर्सिटी भूविज्ञान के यूजी और पीजी में कोर्स कराते हैं:

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भुवनेश्वर
दिल्ली विश्वविद्यालय
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय

Job profile

पेट्रोलियम जियोलॉजिस्ट
पर्यावरण जियोलॉजिस्ट
जियोलॉजिस्ट
संरचनात्मक भूवैज्ञानिक
जियोलॉजिस्ट इंजीनियर

टॉप रिक्रूटर्स:

खनिज और धातु व्यापार निगम (MMTC)
कोल इंडिया खनिज अन्वेषण लिमिटेड
भारतीय खान ब्यूरो (IBM)
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL)
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GIC)
केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB)
तेल और प्राकृतिक गैस आयोग (ONGC)

सैलरी

भारत मे जियोलॉजिस्ट का प्रारंभिक सैलरी 2.5 लाख रु से शुरु होती है। इसके अलावा प्राइवेट और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों में 3.5 लाख प्रति वर्ष पैकेज मिल सकता है। इस क्षेत्र में जैसे अनुभव बढ़ता है उसी के हिसाब से सैलरी में भी इजाफा होता है। वही सरकारी विभाग और विदेश में कैंडिडेट को अच्छी सैलरी, भत्ते मिलते है।

वर्क प्रोफ़ाइल –

भूवैज्ञानिक इंजीनियर निम्नलिखित कार्य करते हैं

मिट्टी, चट्टान और भूजल से जुड़े नए विकास की इंजीनियरिंग व्यवहार्यता की जांच करना
पुलों, बांधों और सुरंगों जैसे प्रस्तावित प्रमुख इंजीनियरिंग कार्यों के लिए योजना और साइट की जांच
भूमि संदूषण और लार को सही करने के लिए डिजाइन उपाय करना
चट्टान में प्रमुख जैसे सुरंग, तहखाने और शाफ्ट संरचनाओं को डिज़ाइन करना
कंप्यूटर विश्लेषण करें, कंप्यूटर डेटाबेस का उपयोग करें और कंप्यूटर एडेड डिजाइन तैयार करना
भूस्खलन और संभावित अस्थिरता के क्षेत्रों को नियंत्रित करने के लिए रणनीति तैयार करना
खनन या अन्वेषण से जुड़े प्रमुख इंजीनियरिंग कार्यों के निर्माण और प्रदर्शन का पर्यवेक्षण करने
गतिविधि के उपरोक्त क्षेत्रों में से किसी में अध्ययन करने वाले सलाहकार या शोधकर्ता के रूप में कार्य करना

रोजगार की संभावनाएं-

युवा उम्मीदवारों के लिए इस क्षेत्र में कैरियर के बहुत सारे अवसर हैं। इस क्षेत्र के प्रतिभाशाली पेशेवर बढ़ रहे हैं

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