FULL STACK DEVELOPER KAISE BANE: BEST CAREER OPTION IN 2020

FULL STACK DEVELOPER KAISE BANE (1)

FULL STACK DEVELOPER KAISE BANE FULL DETAILS : इंटरनेट से चलित वेबसाइट से दुनिया एक वैश्विक गांव के रुप में विकसित हो गया है। बढ़ते वेबजाल से नई करियर की राहें खुल रही है। इसी के बीच में एक उभरता हुआ करियर ऑप्सन है full stack developer, इस लेख में हम आप को FULL STACK DEVELOPER KAISE BANE करियर ऑप्सन पर योग्यता, कोर्स, सैलरी के बारे में जानकारी देगें।

FULL STACK DEVELOPER KAISE BANE

इंटरनेट पर वेब का काम इतना ज्यादा हो गया है कि डेवलपर्स को बहुत सारे काम करने पड़ते है। हर कंपनी को ऑनलाइन अपना करोबार करना है। जिससे की रोज हजारों की संख्या में डोमेन बुक किए जाते है। हर कंपनी चाहती है कि उसका काम 24×7 चलता रहे, इसके इन प्रोफेशनल को हॉयर करती है। खास कर ऐसे कंपनियों सर्वर पर काम चलता है।

Also Read:How to become a data scientist

काम लगातार चलता रहे जिसमें कई तरह के टेक प्रोफेशनल की जरुरत पड़ती है। इसमें से रोल फुल स्टैक डेवेलपर का भी होता है। इसमें यह भी कहा जा सकता है कि कंपनियां कम खर्च में Full Stack developer को हॉयर करती है।

PART OF WEB DEVELOPMENT

वेब डेवलपिंग को तीन भागों में बांटा जा सकता है।
फ्रंट एंड डेवलपमेंट (किसी वेबसाइट या ऐप के विजुएल हिस्स के लिए )
बैक एंड डेवलपमेंट ( डेटाबेस और इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए)
फुल स्टैक डेवलपमेंट (फुल स्टैक एक वेब स्टैक, मोबाइल स्टैक या एप्लिकेशन स्टैक यानी विशिष्ट उपकरणों के लिए सॉफ़्टवेयर प्रोग्राम बनाने के लिए)

What is a Front End Developer?

फ्रंट एंड डेवलपर्स वेबसाइटों के विजुअल पार्ट को डेवलप करते हैं जो यूजर्स को अपने वेब ब्राउज़र में दिखता है। वेबसाइट ( वेब या मोबाइल एप्लिकेशन) के सामने का विजुअल पार्ट में बनाने में एचटीएमएल, सीएसएस, जावास्क्रिप्ट जैसी लैंग्वेज पर प्रोफेशनल को काम करना होता है।

WHAT IS A BACK END DEVELOPER?

बैक एंड डेवलपर्स उन वेबसाइटों के भीतर भाग को डेपलप करते है, या आसान भाषा में कहे तो जो यूजर्स के सीधे संपर्क नहीं करते हैं। बैक एंड डेवलपर्स को एंड PHP, Ruby, Python जैसी प्रोग्रामिंग भाषाओं में काम करना होता है।

WHAT IS A FULL STACK DEVELOPER?

हम इसी करियर ऑप्सन पर बात कर रहे है। आमतौर पूर्ण स्टैक डेवलपर क्लांइट और सर्वर सॉफ्टवेयर बनाता है।एक पूर्ण स्टैक डेवलपर एक वेब डेवलपर या इंजीनियर होता है, जो किसी वेबसाइट या एप्लिकेशन के फ्रंट और बैक दोनों साइड के साथ काम करता है।

Also Read:How to Become a Translator/Interpreter

जिसका मतलब है कि वे उन प्रोजेक्ट पर काम कर सकें जिनमें डेटाबेस शामिल करना, यूजर्स के विजुअल पार्ट वाली  वेबसाइटों का निर्माण करना, या यहां तक ​​कि क्लाइंट्स के साथ प्लानिंग चरण के दौरान प्रोजेक्ट पर काम करना। पूर्ण स्टैक डेवलपर्स को PHP, Ruby, Python की तरह एक विशेष बैक एंड प्रोग्रामिंग भाषा के विशेषज्ञ होता है।

WHAT IS FULL STACK WEB DEVELOPMENT?

जानकारी के तौर पर बता दे कि जॉब लिस्टिंग में Full stack web development में दिखाता है तो इसके बारे में Full stack development में और भी भ्रम हो जाता है। कभी-कभी फुल स्टैक डेवलपर या फुल स्टैक वेब डेवलपमेंट नाम से जॉब लिस्टिंग देखा जाता है। इसके बारे में और भी भ्रम पैदा हो जाता है। हालांकि Full stack development ही Full stack web development को परिभाषित करता है।

Also Read:Insurance me career kaise banaye: Best career option in 2020

इसको ऐसे समझ सकते है कि फुल स्टैक डेवलपमेंट में किसी भी प्रोजेक्ट में बहुत अधिक प्रोजेक्ट शामिल होते है जहाँ आप एक ही समय में किसी साइट या ऐप के विजुअल और बैक एंड दोनों तरफ काम कर रहे होते हैं। किसी भी वेब डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में अनिवार्य रूप से आम तौर पर एक फ्रंट एंड डेवलपर और बैक एंड डेवलपर दोनों की आवश्यकता होगी वही इससे यानि की एक फुल स्टैक डेवलपर से दोनों की रोल को भरता है।

SKILL FOR FULL STACK DEVELOPER?

एक Full stack developer को दिए गए काम में माहिर होना चाहिए। जिससे की क्लाइंट के जरुरत के काम को समझ सके ।
HTML, CSS, Java script वेब लैग्वेज में अच्छी पकड़ होनी चाहिए।
रूबी, पीएचपी, पायथन ( Ruby, PHP, Python ) प्रोग्रामिगं लैग्वेज में अच्छी पकड़ होनी चाहिए।
डेटाबेस संभालने के साथ अनुभव होना चाहिए।
डेटा सिक्योरिटी को लेकर अच्छा अनुभव हो।
वेब या ऐप के विजुएल डिजाइन के साथ कुछ अनुभव।

MOST POPULAR COURSE FOR FULL STACK DEVELOPER

पीजी इन फुल स्टैक डेवेलमेंट
अडवांस डिप्लोमा इन फुल स्टैक डेवेलमेंट
डिप्लोमा इन फुल स्टैक डेवेलमेंट
सर्टिफाइड कोर्स इन फुल स्टैक डेवेलमेंट

ONLINE COURSE FOR FULL STACK DEVELOPER

फुल स्टैक डेवलपर संबधित कई विदेशी से लेकर देश में सस्थांन ऑनलाइन कोर्स संचालित कर रहे है। इनकी ड्यूरेशन सिक्स मंथ से लेकर वन ईयर की होती है। इन संस्थान की वेबसाइट पर जाकर जाकर रजिस्ट्रेशन करने करके ऑनलाइन क्लास को अटेंड कर कर सकते है। जिसमें क्लास सप्ताह में कुछ घंटें निर्धारित होगें । इसके अलावा ऑनलाइन एक्जाम भी कराए जाते है।

Also Read:How to become a social worker

यूएस ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान समय में 1,35,000 फुल स्टैक डेवेलपरों की जरुरत है। आने वाले चार वर्षों में कुल 8,53,000 प्रोफेशनल की जरुरत पड़ेगी। इन प्रोफेशलन को ज्यादातर आईटी, सॉफ्टवेयर तैयार करने वाली कंपनियां, सर्वर तैयार करने वाली फर्म समेत प्रोग्रामिंग गेम तैयार करने वाली कंपनियां में नौकरी के अवसर होगें।

Also Read:How to make career in glass designing

फुल स्टैक डेवलपर के साथ- साथ फुल स्टैक इंजीनियर, फुल स्टैक डिजाइनर के अलावा फुल स्टैक प्रोग्रामर के रुप में मौके मिलते है। विदेशी कंपनियां में फुल स्टैक डेवलपर प्रोफेशनल को मौके मिलते है। इन कंपनियां में दो तरह से काम कर सकते है, एक तो जॉब करके या फिर कंसल्टेंट के रुप में सेवाएं दे सकते है ।

INSTITUTE FOR FULL STACK DEVELOPER

एनआईटी
वेबसाइट-https://www.niit.com/india/
वेबस्टर एकेडमी
वेबसाइट-https://webstersacademy.com/
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल एजुकेशन
वेबसाइट-https://iide.co/
ई-कार्प ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट ऑफ हैदराबाद
वेबसाइट-https://iide.co/

कब कर सकगें कोर्स

इस क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए कोर्स को करना बहुत ही जरुरी है। इस क्षेत्र में बीटेक,बीसीए बीए कर चुके कैडिडेंट के लिए करियर की सुगम रास्ते है। इसके अलावा एमटेक, एमसीए, एमए भी करने वाले भी इसके लिए उपयुक्त है। बता दे कि सबसे पहले आप को इस क्षेत्र में जानेे के लिए बेसिक जानकारी होना अनिवार्य है। कोर्स करने के लिए आप ऑनलाइन मीडियम चुन सकते है।

FULL STACK SALARY IN INDIA

इसमें शुरुआती दौर में कोई भी कंपनी में 30,000 हजार से 35,000 हजार मंथली मिल सकते है। दो या तीन साल के अनुभव होने पर यह सैलरी 50,000 हजार से 55,00 हजार तक पंहुच जाती है। आजकल ऐसे प्रोफेशनल है जो ढाई लाख तक कमा रहे है। आप जॉब ना करके फ्रीलॉस काम भी शुरु कर सकते है और मन मर्जी के मुताबिक काम करके अच्छा कमा सकते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *