Ceramic Engineer Kaise bane

Ceramic Engineer Kaise bane

Ceramic Engineer Kaise bane- इंजीनियरिंग की कई शाखाए है जिसमें करियर बनाया जा सकता है। आज के लेख में आप को इंजीनियरिंग में करियर ऑप्सन के तहत सेरामिक इंजीनियर कैसे बनें (Ceramic Engineer kaise bane) पर महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे है। कई स्टुडेंट का सपना इंजीनियरिंग में जाने का होता है। क्या सेरामिक इंजीनियर कैसे बनें (Ceramic Engineer kaise bane) इस पर जानकारी सर्च कर रहे है, तो इस लेख में आप को इससे संबधित पूरी जानकारी मिल जाएगी। Ceramic Engineer के तहत आप को What is Ceramic Engineering  How to become a Ceramic Engineer,  Education Qualification, career profile,  work profile, required skills, career scope in Ceramic Engineering, main institute and university, Top recruiters, salary in Ceramic Engineering,  के बारे में जानकारी दे रहे है उम्मीद करते है की ये पोस्ट आप को जरुर पंसद आने वाली है।

Ceramic Engineer  kaise bane

तेजी से बदल रही तकनीक से कई प्रकार से इंजीनियरिंग की शाखाएं उभर के सामने आई है। जिसमें से सेरामिक इंजीनियरिंग भी एक है। ‘सिरेमिक’  ग्रीक शब्द  (keramikos) से बना है। जिसका अर्थ है मिट्टी के बर्तन यह पुराने इंडो-यूरोपियन भाषा  से संबंधित है। अब्राहम डर्बी ने पहली बार 1709 में इंग्लैंड के श्रॉपशायर में कोल्डिंग प्रक्रिया की उपज को बेहतर बनाने के लिए कोक का इस्तेमाल किया। कोक अब व्यापक रूप से कार्बाइड सिरेमिक का उत्पादन करने के लिए उपयोग किया जाता है।

What is Ceramic Engineering

सिरेमिक इंजीनियरिंग इंजीनियरिंग की एक शाखा है जो अकार्बनिक और नॉन मेटेलिक सामग्री से वस्तु बनाने के साइन्स और टेक्नोलॉजी से रिलेटिड है। सिरेमिक इंजीनियरिंग रसायन विज्ञान, भौतिकी और इंजीनियरिंग के सिद्धांतों को जोड़ती है। सिरेमिक इंजीनियरिंग इंजीनियरिंग की एक उभरती और विकासशील शाखा है जो सिरेमिक संबंधित चीजों के निर्माण, गुणों, डिजाइन और यूज के स्टडी से रिलेटिड है। सिरेमिक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सिरेमिक (मिट्टी) मैटीरियल्स के निर्माण और उसके प्रयोग के लिए विभिन्न तकनीको का प्रयोग किया जाता है ।

इस फील्ड के इंजीनियर्स सेरामिक मैटीरियल्स के स्टडी, उनके विहेवियर, वर्क और प्रयोग के स्पेशलिस्ट होते हैं । यह नॉनमैटेलिक इनऑग्रेनिक मैटीरियल्स (Nonmetallic inorganic materials) को अनेक प्रकार के सेरामिक प्रोडक्ट्स में बदलने की विधि विकसित करते हैं।

एक सेरामिक इंजीनियर क्ले ग्लासवेयर, फाइबर ऑप्टिक्स प्रोडक्ट्स, सीमेंट और ईटों से लेकर स्पेस व्हीकल की कोटिंग, माइक्रो-इले क्ट्रॉनिक्स, न्यूक्लियर फ्यूल के कम्पोनेंट और पॉल्युशन कंट्रोल डिवाइस, आदि को बनाते है।

सिरेमिक का प्रयोग एक विशाल फील्ड में किया जाता है। ऐसा इसलिए कि सिरेमिक हीट रेसिस्टेंट होते हैं, उनका उपयोग कई कार्यों के लिए किया जा सकता है जिनके लिए धातु और पॉलिमर जैसी सामग्री प्रयोग में नही लाई जा सकती हैं। सिरेमिक सामग्री का उपयोग इन उद्योगों  इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में किया जाता है।

सिरेमिक से उत्पादों को खनन, एयरोस्पेस, चिकित्सा, रिफाइनरी, खाद्य और रासायनिक उद्योग, पैकेजिंग विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, फाइबर-ऑप्टिक डिवाइस, औद्योगिक और ट्रांसमिशन बिजली, और निर्देशित लाइटवेव ट्रांसमिशन शामिल हैं।

Ceramic Superconductors, लेजर, आदि के लिए सर्जरी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सिरेमिक दांतों, हडियों और अन्य फाइबर ऑप्टिक केबलों के उत्पादन से सिरेमिक इंजीनियरिंग की सही जरूरत है।

आप को बता दें कि सिरेमिक इंजीनियरिंग फाइन आर्ट के साथ विज्ञान का एक मिश्रण है ,जो किसी घर के इंटीरियर से लेकर किसी बड़े प्रोजेक्ट को छोटे रूप में साकार करने में महत्वपूर्ण रोल निभाता है ।

 

सिरेमिक इंजीनियर का मुख्य कार्य रिसर्च, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और प्रोडक्शन इंजीनियरिंग होते हैं। इस क्षेत्र के इंजीनियर्स को लगातार नए दिमाग   के साथ नये उत्पाद और उपाय भी बताने होते हैं । इंडस्ट्री में बदलती तकनीक से नए प्रोडक्ट के लिए रिसर्च और काम चलता रहता है।  सबसे अच्छी बात यह है कि इस क्षेत्र में जॉब के अपार अवसर के साथ-साथ अच्छी सैलरी भी मिलती है।

Ceramic engineer kaise bane/सिरेमिक इंजीनियर कैसे बनें

 Education Qualification

इस फील्ड में जाने के इच्छूक कैडिडेट भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित जैसे विषयों  के साथ 12 वीं में न्यूनतम 45-50% अंक से पास होना चाहिए। इसके बाद कैडिडेट को सिरेमिक इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त करनी होती है। देश के प्रतिष्ठत कॉलेज बीएचयू, एनआईटी, के अलावा कई कॉलेजों / विश्वविद्यालयों आदि में सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में पेशे के लिए कोर्स उपलब्ध हैं। बीटेक यी बीई कोर्स में एडमिशन ले सकते है। स्नातक स्तर की पढ़ाई के बाद, यदि आप हॉयर स्टडी करना चाहते हैं, तो आप सिरेमिक इंजीनियरिंग में पीजी कोर्स में शामिल हो सकते हैं। आपके पास पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद पीएचडी / एम.फिल का ऑप्सन है। सेरामिक इंजीनियरिंग में बेहतर कैरियर बनाने के लिए आप एमटेक की डिग्री भी प्राप्त कर सकते है। इसके अपनी नौकरी के लिए अप्लाई कर सकते है।

Entrance Exam

  • डिप्लोमा कोर्स में रुचि रखने वालों को अपनी 10 वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा पास करनी होगी। डिप्लोमा धारकों को पाठ्यक्रम के दूसरे वर्ष में सीधे प्रवेश मिलेगा।
  • अंडर-ग्रेजुएशन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए, उम्मीदवारों को विभिन्न कॉलेजों / विश्वविद्यालयों / संस्थानों में प्रवेश प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय-स्तरीय और राज्य-स्तरीय प्रवेश परीक्षाओं को पास करनी होगी।
  • ग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लेने के लिए प्रवेश संयुक्त परीक्षा जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड  आदि जैसे प्रवेश परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। इसके बाद में मेरिट सूची के आधार  कोर्स के लिए एडमिशन हो सकता है।
  • पीजी कोर्स पीएचडी / एम.फिल में दाखिला लेने के लिए  उम्मीदवार GATE  के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

 Career scope and job profile

चूंकि यह इंजीनियरिंग की एक नई शाखा है, इसलिए मुख्य क्षेत्र में नौकरी के अवसर कम हैं; फिर भी इस फील्ड में रिसर्च और डेवेलपमेंट गुंजाइश है। इस क्षेत्र में वेतन नौकरी प्रोफ़ाइल के आधार पर भिन्न होता है। हालांकि, अगर उम्मीदवारों ने एनआईटी या आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से कोर्स पूरा किया है, तो वेतन पैकेज बहुत ही आकर्षक हो सकते हैं। सिरेमिक इंजीनियर विभिन्न क्षेत्रों में खनन, चिकित्सा, भोजन, एयरोस्पेस, रासायनिक उद्योग, रिफाइनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक और बिजली के संचरण जैसे कई अन्य अवसरों में नौकरी के अवसर पा सकते हैं।

  • सिरेमिक डिजाइनर(Ceramic Designers)
  • पॉलिमर केमिस्ट(Polymer chemists)
  • सिरेमिक टेक्नोलॉजिस्ट( Ceramic Technologist)
  • सिरेमिक रिसर्च इंजीनियर(Ceramic research engineer)

Salary in Ceramic Engineering

सिरेमिक इंजीनियरिंग के फील्ड में कई करियर प्रोफाइल होते है। जिसकी शैक्षिक योग्यता और अनुभव के साथ ही कार्य स्थल और कार्य के प्रकार के बेस पर सैलरी अलग-अलग होती  है । फ्रेशर्स को कम से कम 25,000 से 45,000 प्रतिमाह तक प्राप्त होता है , जैसे- जैसे आप को अनुभव बढ़ाता है सैलरी भी लाखों तक पहुंच जाता है। इस क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले लोगों की मांग निरंतर बढ़ रही है |

Required skills

सिरेमिक इंजीनियर विशेष इंजीनियर हैं जो अकार्बनिक सिरेमिक और गैर-धातु सामग्री के साथ काम करते हैं जो बहुत उच्च तापमान पर संसाधित होते हैं। सिरेमिक इंजीनियर उत्पादों की एक विशाल रेंज के साथ काम करते हैं, इलेक्ट्रॉनिक और कांच के बने पदार्थ के घटकों से लेकर परमाणु रिएक्टर और जेट इंजन और ब्लास्ट फर्नेस के लिए लाइनिंग तक। इसलिए, सिरेमिक इंजीनियरों की आकांक्षा को सिरेमिक सामग्री के कई अलग-अलग रूपों के साथ काम करने की नीतियों और प्रक्रियाओं की अच्छी समझ होनी चाहिए।  कम्युकेशन स्किल, प्रॉबलम सोलविंग स्किल, गुणवत्ता नियंत्रण विश्लेषण, सेल्फ, पीपल, थिंग्स और टाइम को मैनेजमेंट स्किल्स हमेशा सीखने का कौशल होना चाहिए।

Main institute and university

भारत के विभिन्न कॉलेज यूजी और पीजी स्तर के पाठ्यक्रमों की पेशकश कर रहे हैं। भारत के कुछ सबसे प्रसिद्ध कॉलेज जो सिरेमिक इंजीनियरिंग प्रदान करते हैं: आइए जानतें है इनके बारे में….

एनआईटी, राउरकेला
IIT BHU, वाराणसी
कलकत्ता विश्वविद्यालय
आंध्र विश्वविद्यालय
पश्चिम बंगाल प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
सिरेमिक ग्लास और सिरेमिक रिसर्च इंस्टीट्यूट, कोलकाता
अन्ना विश्वविद्यालय, चेन्नई
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय
गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग * सिरेमिक टेक्नोलॉजी, कोलकाता
गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग * टेक्नोलॉजी, राजस्थान

Top Colleges offering Ceramic Engineering/Sciences in Abroad

नॉर्थसेन्ट्ररल विश्वविद्यालय
पेनसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी
स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय
हॉर्वड विश्वविद्यालय
इलिनोइस विश्वविद्यालय
ड्यूक विश्वविद्यालय

 

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