career in occupational therapy/ occupational therapy में करियर कैसे बनाएं 

career in occupational therapy

career in occupational therapy- क्या आप ऐसे करियर ऑप्सन के बारे में जानना चाहते है। जो आप को लोगों सेवा से जुड़े काम कर सकें और संवेदना से जोड़ सकें। तो आप के लिए यह लेख पढ़ना अच्छा साबित हो सकता है। इस लेख में आप को ऑक्यूपेशनल थेरेपी occupational therapy career के बारे में जानकारी दे रहे है। career in occupational therapy के तहत आप को career in occupational therapy , What is occupational therapy, How to make career in occupational therapy, Education Qualification, career profile,  work profile, required skills, career scope, main institute and university, Top recruiters salary and more के बारे में जानकारी दे रहे है उम्मीद करते है की ये पोस्ट आप को जरुर पंसद आने वाली है।

career in occupational therapy

आज के भागदौड़ भरी लाइफ को चलते लोगों के स्वास्थ्य पर कई तरह के प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहे हैं, जिनमें Physical and mental  अशक्तता प्रमुखता से शामिल हैं। career in occupational therapy इनसे निजात पाने के लिए उन्हें एक्सपर्ट की मदद लेनी पड़ रही है। occupational therapy से संबंधित एक्सपर्ट विभिन्न विधियों से इलाज करते हुए उन्हें समस्या से मुक्ति दिलाते हैं। साथ ही उन्हें मानसिक रूप से भी मजबूत बनाते हैं। कई बार डॉंक्टर के देख लेने के बाद इनकी जरूरत पड़ती है तो कुछ मामले ऐसे भी हैं, जिनमें डॉंक्टर के देखने से पहले ही इनकी सेवा ली जाती है। बता दें कि इस फील्ड में जाने के लिए जिन कैडिडेंट को सेवा भाव से लगाव है तो इसमें जाना अच्छा साबित हो सकता है।

खासकर मेडिकल और ट्रॉमा सेंटर इमरजेंसी व फ्रैक्चर मैनेजमेंट में तो इनकी विशेष जरूरत पड़ती है। यह पूरा ताना-बाना ऑक्यूपेशनल थेरेपी के अंतर्गत बुना जाता है। इससे जुड़े प्रोफेशनल्स को ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट नाम दिया गया है। इनका काम फिजियोथेरेपिस्ट से मिलता-जुलता है। आज के दौर में मेडिकल व फिटनेस एरिया में इनकी भारी मांग है।

 occupational therapy kya hai/ What is occupational therapy

occupational therapy meaning ऑक्यूपेशनल थेरेपी का सीधा संबंध पैरामेडिकल से है। ऑक्यूपेशनल थैरेपी शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम लोगों को उनकी रोजाना की जिंदगी को सुगम बनाने में मदद करती है। इसकी जरूरत ऑटिज्म या इमोशनल डिसऑर्डर के शिकार हुए बच्चों और न्यूरोलॉजिकल या साइकेट्रिक डिसऑर्डर से प्रभावित युवाओं को होती है। इसके अंतर्गत शारीरिक व विशेष मरीजों की अशक्तता का इलाज किया जाता है, जिसमें न्यूरोलॉजिकल डिसॉर्डर, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी, लर्निंग डिसऑर्डर,लकवा, रीढ़ की हड्डी मस्तिक की चोट, अर्थराइटिस, डिप्रेशन सिजोफ्रेनिया, के उपचार से लेकर अन्य कई तरह के शारीरिक व्यायाम कराए जाते हैं। कई बार मानसिक विकार आ जाने पर कागज-पेंसिल के सहारे मरीजों को समझाया जाता है।

How to make career in occupational therapy

occupational therapy मेडिकल लाइन से जुड़ा हुआ कोर्स है। career in occupational therapy जो 12वीं के बाद छात्र कर सकते हैं। कोर्स के माध्यम से छात्र अपने आप को ऑक्यूपेशनल थेरेपी एक्सपर्ट बना सकते हैं। यह करियर ऑप्सन उन लोगों के लिए अच्छा है जो अपने मन में सेवा का भाव रखते हैं क्योंकि इसमें उन लोगों का इलाज किया जाता है जो मानसिक रूप से अक्षम होते हैं।

Education Qualification

ऑक्यूपेशनल थेरेपी से संबंधित बैचलर, मास्टर और डिप्लोमा और डॉक्टरल कोर्स मौजूद हैं। यदि छात्र बैचलर कोर्स में प्रवेश लेना चाहता है तो उसका फिजिक्स, केमिस्ट्री व बायोलॉजी ग्रुप के साथ बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण होना  जरूरी है। बैचलर के बाद मास्टर और डॉंक्टरल प्रोग्राम में दाखिला मिल सकता है। देश के कई संस्थान अपने यहां प्रवेश देने के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं, जिसमें सफल होने के बाद विभिन्न कोर्सों में दाखिला मिलता है, जबकि कई संस्थान मेरिट के आधार पर प्रवेश देते हैं।

course

Diploma course-

डिप्लोमा इन ऑक्यूपेशनल थेरेपी (Diploma in occupational therapy)

Under graduate course

बीएससी इन ऑक्यूपेशनल थेरेपी (ऑनर्स) (BSc in Occupational Therapy)
बीएससी इन ऑक्यूपेशनल थेरेपी(BSc in Occupational Therapy ())
बैचलर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी(Bachelor of Occupational Therapy )

Post graduate

एमएससी इन फिजिकल एंड ऑक्यूपेशनल थेरेपी (MSc in Physical and Occupational Therapy)
मास्टर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी (Master of Occupational Therapy)

 Course fees

ऑक्यूपेशनल थेरेपी संबंधित कोर्स करने के लिए लगने वाली फीस बात करें तो 80,000 हजार से लेकर 1 लाख तक हो सकती है। फीस के मामले में बढ़ौत्तरी होती है रहती है और हर किसी संस्थान की फीस अलग-अलग होती है।

Career profile

career in occupational therapy ऑक्यूपेशनल थेरेपी यानि व्यवसायिक चिकित्सा थेरेपी से संबंधित कोर्स पूरा करने के बाद छात्र को अनेक तरह की नौकरियां मिल सकती है। इन्हें भारत में ही नहीं विदेश में जॉब मिल सकती है। इन कैडिडेट के पास में कई प्रकार की स्किल होनी चाहिए जिसमें प्रमुख रुप से कैडिडेट को संवेदनशील होनी चाहिए और लोगों की प्रॉब्लम ही प्रॉब्लम समझने वाले यदि इनमें से एक खूबी है तो किसी भी जगह अपना अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं इस कोर्स को पूरा करने के बाद कैंडिडेट किसी भी सरकारी या गैर सरकारी अस्पताल में काम कर सकते हैं इसके अलावा मेंटल हेल्थ केयर सेंटर में नौकरी मिल सकती है। करियर प्रोफाइल की बात करें तो इन पदों पर काम कर सकते है।

 ऑक्यूपेशनल थेरेपी टेक्निशियन
कंसल्टेंट
ऑक्यूपेशनल थेरेपी नर्स
रिहैबिलिटेशन थेरेपी
असिस्टेंट
स्पीच एंड लैंग्वेज थेरेपिस्ट
ऑक्यूपेशनल थेरेपी लेक्चर /स्कूल टीचर
लैब टेक्निशियन
मेडिकल रिकॉर्ड
टेक्निशियन
ओटी इंचार्ज

Required skills

यह एक ऐसा प्रोफेशन है, जिसमें छात्रों को संवेदनशील होने से लेकर वैज्ञानिक नजरिया तक अपनाना पड़ता है, क्योंकि इसमें उन्हें मरीजों के दुख को समझ कर उसके हिसाब से उपचार करने की जरूरत होती है। अच्छी कम्युनिकेशन स्किल, टीम वर्क, मेहनती, रिस्क उठाने और दबाव को झेलने जैसे गुण इस प्रोफेशन के लिए बहुत जरूरी हैं। अधिकांश काम मेडिकल उपकरणों के सहारे होता है, इसके लिए उनका ज्ञान बहुत जरूरी है।

Salary

ऑक्यूपेशनल थेरेपी से संबंधित कोर्स करने के बाद उन्हें सरकारी अस्पताल और प्राइवेट अस्पताल में 9,300 हजार रुपए से लेकर 38,000 हजार रुपए सैलरी मिल सकती है।  इसके अलावा किसी भी अन्य जगह पर ऑक्यूपेशनल थेरेपी एक्सपर्ट को 44,000 हजार रुपए सैलरी मिल सकती है खास बात यह है कि आप खुद का क्लीनिक बना कर सकते हैं और दुसरें लोगों को रोजगार दें सकते है।

Career scope

 रोजगार के लिहाज से यह काफी विस्तृत क्षेत्र है। यदि छात्र ने गंभीरतापूर्वक कोर्स किया है तो रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उसे सरकारी अथवा प्राइवेट अस्पताल में नौकरी मिल जाएगी। सबसे ज्यादा जॉब कम्युनिटी मेडिकल हेल्थ सेंटर, डिटेंशन सेंटर, हॉस्पिटल, पॉलीक्लिनिक, साइक्राइटिक इंस्टीटय़ूशन, रिहैबिलिटेशन सेंटर, स्पेशल स्कूल, स्पोर्ट्स टीम में सृजित होती हैं। एनजीओ भी इसके लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकते हैं। इसमें एक-तिहाई थेरेपिस्ट पार्ट टाइम को तरजीह देते हैं। यदि वे किसी सेंटर अथवा संस्था से जुड़ कर काम नहीं करना चाहते तो स्वतंत्र रूप से काम करने के अलावा अपना सेंटर भी खोल सकते हैं। जिससे की आप और लोगों को जॉब दे सकते है।

 Main institute and university

संतोष कॉलेज ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी, चेन्नई
यूनिवर्सिटी ऑफ मद्रास, चेन्नई
यूनिवर्सिटी ऑफ मद्रास, चेन्नई

नेशनल इंस्टीटय़ूट फॉर द ऑर्थोपेडिकली हैंडिकैप्ड, कोलकाता
पं. दीनदयाल इंस्टीटय़ूट फॉर फिजिकली हैंडिकैप्ड, नई दिल्ली
ऑल इंडिया इंस्टीटय़ूट ऑफ फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन, मुंबई
 क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लौर
केएमसीएच कॉलेज ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी, कोयम्बटूर

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