career in actuarial science/ actuarial science में करियर कैसे बनाएं

career in actuarial science

career in actuarial science- क्या ऐसे करियर ऑप्सन के बारे में जानना चाहते जो संख्याओं तथा प्रोग्रामिंग में रुचि से जुड़ा हो। जटिल समस्याओं को सुलझाना जुझना पड़ता हो। इस लेख में आप को career in actuarial science करियर ऑप्सन के बारे में जानकारी दें रहें है। career in actuarial science के तहत career in actuarial science,What is Actuarial science/Actuarial science kya hai, How to make career in Actuarial science/Actuarial science me career, Actuarial science entrance exam, Actuarial science exams Pattern, Top courses in actuarial science, Graduation level courses, Post-graduate level,  Post graduate diploma level, How to become a actuary , Education Qualification for actuarial science, Required skills, Career scope, Main institute and university, Top recruiters salary for actuarial science,salary in actuarial science, के बारे में जानकारी दे रहे है उम्मीद करते है की ये पोस्ट आप को जरुर पंसद आने वाली है।

Career in actuarial science

भारत ही नहीं दुनियाभर में फायनेंस व इंश्योरेंस सेक्टर का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। भारत का इंश्योरेंस सेक्टर दुनिया में पहले नंबर पर है। देश की केंन्द्रीय बैंक आरबीआई के लचीलें रैवेये से देश में इंश्योरेंस पॉलिसी कई कंपनियों ने आपने आप को इस फील्ड में उतारा है। ऐसे बेहतर सैलरी पैकेज व ग्लोबल प्रोफेशन होने की वजह से एक्चुरियल साइंस छात्रों के लिए एक बेहतर कॅरियर विकल्प हो सकता है।

एक्चुअरी प्रोफेशनल्स का मुख्य काम इंश्योरेंस व फायनेंस के क्षेत्र में जोखिम का आंकलन कर इसके आधार पर प्रीमियम की रकम निर्धारित करना है। क्या आप भी इस फील्ड में अपने आप को महिर समझते हैं तो इस फील्ड में जा सकते है

What is Actuarial science/Actuarial science kya hai?

एक्चुरियल साइंस से मतलब एक ऐसी विधा से है, जिसके तहत इंश्योरेंस रिस्क (Insurance Risk), इंश्योरेंस प्रीमियम  और इंश्योरेंस कंपनियों (Insurance Premium and Insurance Companies), के मेंनेजमेंट (management ) से संबंधित काम किया जाता है। इसमें लाइफ इंश्योरेंस ही नहीं, प्रॉपर्टी और अन्य वैल्यूएबल मटेरियल (Valuable material) के इंश्योरेंस का व्यवसाय भी शामिल है। एक्चुरियल साइंस के विशेषज्ञ को एक्चुअरी कहा जाता है। उनका मुख्य काम होता है कि आने वाले समय में बिजनेस पर किस तरह का असर पड़ सकता है। इसके लिए वे अतीत की घटनाओं का विश्लेषण करते हैं। इस फील्ड में काम कर रहें प्रोफेशनल जटिल समस्याओं को सुलझानें में जुझते हैं। यानी कि ऐसे में इन प्रोफेशनल का काम असल में इंश्योरेंस रिस्क और प्रीमियम का कैलकुलेशन होता है।

How to make career in Actuarial science/Actuarial science me career?

Education Qualification for actuarial science,

कई यूनिवर्सिटी एक्चुरियल साइंस में अंडरग्रैजुएट कोर्स और पोस्ट ग्रैजुएट कोर्स ऑफर करती है। एक्चुरियल साइंस के कोर्स में दाखिला लेने के लिए सांख्यिकी और गणित पर मजबूत पकड़ होनी चाहिए और उम्र 18 साल से ज्यादा होनी चाहिए। कैंडिडेट का 12वीं कॉमर्स स्ट्रीम से पास होना चाहिए। अलग-अलग संस्थान अपनी प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन करते हैं जिनके आधार पर दाखिला होता है।कैंडिडेट ग्रेजुएशन तथा पोस्टग्रेजुएशन लेवल पर एक्चुरियल साइंस का अध्ययन करके एक्चुरिज बन सकते हैं। लेकिन एक सही एक्चुरिज बनने के लिए अभ्यर्थियों को एक्चुरियल एग्जाम्स की एक पूरी श्रृंखला को पास करना होगा।

इसके अलावा एक्चुरिज बनने के लिए संख्याओं तथा प्रोग्रामिंग में रुचि रखने वाले किसी भी ऐसे व्यक्ति को जिसे जटिल समस्याओं को हल करना पसंद हो, बिजनेस की अच्छी समझ हो तथा प्रभावी कम्युनिकेशन स्किल हो तो ऐसे व्यक्ति एक्चुरिज बन सकते हैं।

अब आप को यह जानने का उत्सुकता होती है कि कोर्स में बताया जाता है कि कैसे गणित और सांख्यिकीय तरीकों का उपयोग करके रिस्क का आकलन करना है। स्टुडेंट को रिस्क मैनेजमेंट, भविष्य के आकलन के सिद्धांत, खतरे के टेबल के प्रसार, कंप्यूटर की सहायता से रिसर्च, सेकंड्री डेटा का विश्लेषण, बिजनेस के क्षेत्र के साथ-साथ बीमा क्षेत्र के आर्थिक खतरों के आकलन के बारे में भी बताया जाता है।

Actuarial science entrance exam

इंस्टिट्यूट ऑफ एक्चुअरीज ऑफ इंडिया एंट्रेंस एग्जाम
एक्चुरियल सोसायटी ऑफ इंडिया एंट्रेंस एग्जाम

Actuarial science exams Pattern

भारत में Institute of Actuaries of India (IAI) एकमात्र संस्था है जो Actuarial Science के एग्जाम आयोजित करवाती है। इसका एग्जाम पैटर्न निम्न प्रकार हैं-

The 15 actuarial exams conducted by IAI include 9 written exams and 3 practical exams:
IAI एक्चुरियल साइंस में लगभग 15 एग्जाम्स आयोजित करवाती हैं, इनमें से 9 लिखित तथा 3 प्रेक्टिकल (प्रायोगिक) एग्जाम होते हैं। देश की कुछ प्रमुख यूनिवर्सिटीज तथा कॉलेज एक्चुरियल साइंस में डिग्री तथा डिप्लोमा कोर्सेज करवाते हैं। एक्चुरियल साइंस के कोर्स का कंटेंट इस प्रकार होता है।

Stage 1: Core Technical (CT)
स्टेज 1 में आपको सभी 9 पेपर पास करने होते हैं, इसके बाद आप अगली स्टेज में एडमिशन ले सकते हैं-
CT1 – Financial Mathematics
CT2 – Finance and Financial Reporting
CT3 – Probability and Mathematical Statistics
CT4 – Models
CT5 – General Insurance, Life and Health Contingencies
CT6 – Statistical Methods
CT7 – Business Economics
CT8 – Financial Economics
CT9 – Business Awareness Online Module (Practical Exam)

Stage 2: Core Application (CA)
इस स्टेज में दो प्रेक्टिकल तथा एक लिखित एग्जाम होता है। इसमें भी तीनों पेपर पास करना आवश्यक है-
CA1 – Actuarial Risk Management
CA2 – Model Documentation Analysis and Reporting (Practical Exam)
CA3 – Communication (Practical Exam)

Stage 3: Specialist Technical (ST)
इस स्टेज से आप अपने फील्ड में एक्सपर्टाइज हासिल करना शुरु करते हैं। आपको किन्हीं भी दो सब्जेक्ट्स चुन कर उन्हें पास करना होता है।
ST1 – Health and Care
ST2 – Life Insurance
ST3 – Pension and Other Employee Benefits
ST4 – Finance and Investment A
ST5 – Finance and Investment B
ST6 – General Insurance Reserving and Capital Modeling Specialist Technical
ST7 – General Insurance Pricing Specialist Technical
ST8 – Enterprise Risk Management

Stage 4: Specialist Application (SA)
एक्चुरियल साइंस की यह आखिरी स्टेज है जहां आपको निम्न में से एक सब्जेक्ट चुन कर उसमें महारथ हासिल करनी होती है।
SA1 – Health and Care
SA2 – Life Insurance
SA3 – General Insurance
SA4 – Pension and Other Employee Benefits
SA5 – Finance
SA6 – Investment

Top courses in actuarial science

Graduation level courses

  • एक्चुरियल साइंस में बीएससी /(B.Sc in Actuarial Science)
  • इंश्योरेंस और बैंकिंग में बीए (ऑनर्स)/BA (Hons) in Insurance and Banking
  • एक्चुरियल साइंस और फायनेंसियल मैथेमेटिक्स में बीएससी/(BSc in Actuarial Science and Financial Mathematics)

Post-graduate level

  • एक्चुरियल साइंस में एमएससी (MSc in Actuarial Science)
  • इंश्योरेंस बिजनेस में मास्टर प्रोग्राम (Master Program in Insurance Business)
  • एक्चुरियल साइंस में एमबीए (MBA in Actuarial Science)
  • स्टैटिसटिक्स (एक्चुरियल) में एमएससी (MSc in Statistics,Actuarial)

 Post graduate diploma level

  • एक्चुरियल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा/Post Graduate Diploma in Actuarial Science

Actuarial science course fees 

actuarial science scope in india एक्चुरियल साइंस से रिलेटिड कोर्स करने के लिए कैंडिडेट को  50,000 से लेकर 3 लाख रुपए कर की फीस हो सकती है। यह निर्भर करता है कि संस्थान, विवि कौन सा है या यूं कहें कि हर संस्थान, विवि में यह फीस अलग-अलग हो सकती है।

career scope in Actuarial Science

actuarial science scope in india, Actuarial Science से संबधित कोर्स कर चुकें एक्चुअरी प्रोफेशनल्स के लिए नौकरी के अवसर भारत में ही बल्कि विदेश में हो सकते है। एक्चुअरी प्रोफेशनल्स के लिए अधिकतर अवसर इंश्योरेंस सेक्टर में हैं। इसके अलावा नॉन-लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर, असेट मैनेजमेंट, एंप्लॉय बेनिफिट और कंसल्टेंसी कंपनियों में भी नौकरी कर सकते हैं। भारतीय एक्चुरियल प्रोफेशनल्स की मांग विदेश अमरीका, कनाड़ा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया सहित यूरोप के कई विकसित देशों में बहुत ज्यादा है।

Salary in  Actuarial Science

एक्चुरियल साइंस भारत में अपेक्षाकृत नया करियर है। आप बैंकिंग और बिजनस फील्ड में करियर बना सकते हैं। आज के समय में एक्चुअरी को सबसे ज्यादा वेतन दिया जाता है।  एक फ्रेशर को 3-5 लाख रूपये सालाना सैलरी मिलती है। आगे चलकर 3-5 वर्ष के अनुभव के बाद आप सालाना लगभग 10-15 लाख रूपये कमा सकते हैं। यदि आप भारत के किसी एक्चुरिज इंस्टीट्यूट के फेलो मेंबर बन जाते हैं तो आप लगभग 20 से 30 लाख रूपये सालाना कमा सकते हैं। इसके अलावा  कैंडिडेट की सैलरी कौशल, दक्षता और ज्ञान पर निर्भर करता है।

Main institute and university

  • अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (Aligarh Muslim University)
  • द इंस्टिट्यूट ऑफ एक्चुअरीज ऑफ इंडिया(‘The Institute of Actuaries of India’)
  • एमिटी स्कूल ऑफ इंश्योरेंस एंड एक्चुरियल साइंस नोएडा (Amity School of Insurance and Actuarial Science Noida)
  •  मणिपुर यूनिवर्सिटी (Aligarh Muslim University)
  • बिड़ला इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नॉलजी (Birla Institute of Management Technology)
  • बिशप हर्बर कॉलेज (Bishop Harbor College)
  • यूनिवर्सिटी ऑफ मद्रास (Bishop Harbor College)
  • यूनिवर्सिटी ऑफ कल्याणी (University of Kalyani)
  • गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी (Guru Nanak Dev University)
  • जयपुरिया इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट ( Jaipuria Institute of Management)
  • आरएनआईएस कॉलेज ऑफ इंश्योरेंस (RNIS College of Insurance)

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