BSC Physiotherapy क्या है, कैसे करे? जानिए फुल जानकारी

BSC Physiotherapy Kya hai : ऐसे कई स्टूडेंट हैं जो हेल्थ केयर सेक्टर में काम करना चाहते हैं, जिससे इस फील्ड में जॉब्स की अपार संभावनाए है, लेकिन सही करियर ऑप्सन आप के चुनना होगा। ऐसे स्टूडेंट जिन्होनें जो अपनी 12वीं की पढ़ाई फिजिक्स, केमेस्ट्री, और बायोलॉजी जैसे सबजेक्ट कर ली या करने वाले हैं इनके लिए ये लेख खास होने वाला है। आज के इस अर्टिकल में में डिटेल्स से समझते हैं कि बीएससी फिजियोथेरेपी क्या है, इसे कैसे इसमें क्या करियर ऑप्सन है, सैलरी और कमाई आदि के बारे में।

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BSC Physiotherapy Kya hai

हेल्थकेयर सेक्टर में ऐसे कई करियर ऑप्सन हैं, जो हाई डिमांड में रहते हैं। इसमें हेल्थकेयर नर्सिंग स्टाफ, एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स, कम्युनिटी हेल्थकेयर वर्कर्स, हॉस्पिटल और हेल्थकेयर एडमिनिस्ट्रेटर, पब्लिक हेल्थ ऑफिसर, पेशेंट केयर अटेंडेंट और हॉस्पिटल हाइजीन असिस्टेंट जैसी विभिन्न जॉब्स प्राइवेट और सरकारी सेक्टर बहुत बड़े अवसर हैं। हेल्थकेयर एक ऐसा सेक्टर जहां पर भारत में 3 दशकों की अवधि से लगातार 10-12% की गति से बढ़ रहा है।

फिजियोथेरेपी क्या है (What is physiotherapy)

सबसे पहले यहां पर बात करते है, फिजियोथेरेपी क्या है (What is physiotherapy) फिजियोथेरेपी, जिसे फिजकल थैरपी के रूप में भी जाना जाता है, एक हेल्थकेयर पेशा है जिसका उद्देश्य व्यायाम, मैनुअल थेरेपी और तौर-तरीकों जैसी विभिन्न तकनीकों के उपयोग करके रोगी के कार्य में सुधार करना, दर्द से राहत देना और चोट को रोकना है। फिजियोथेरेपिस्ट मरीजों को चोट से उबरने, पुरानी स्थितियों का मेनेजमेंट करने और समग्र शारीरिक स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार करने में मदद करने के लिए उनके साथ काम करते हैं।

इसे आप और डिटेल्स में समझें तो एक अच्छा डॉक्टर पेशेंट बीमारी का इलाज कर सकता है, मेडिशन लिख सकता है, और आपको आंतरिक रूप से ठीक कर सकता है। लेकिन डॉक्टर कभी-कभी, डॉक्टर आपको उचित रूप से शारीरिक उपचार प्रदान करने में असमर्थ होते हैं। यहां पर फिजियोथेरेपिस्ट ही काम आते हैं। आप कई बार में डॉक्टर को फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह देने के बारे में जो जरुर सुना होगा।

कौन होता है फिजियोथेरेपिस्ट

आप को बता दें कि बॉडी में उपस्थित कुछ इंजरी को केवल मेडिसन से ठीक नहीं किया जा सकता है और उन्हें विशेष प्रोफेशनल सहायता की नीड होती है। ऐसे स्पेसलिस्ट जो पेशेंट की फिजिकल इंजरीज को ठीक करने के लिए नॉलेज और स्किल्स से लैस होते हैं उन्हें फिजियोथेरेपिस्ट कहा जाता है।

ऐसे कैडिडेंट को जो अपने करियर में लोगों की सेवा करने की इच्छा रखते हैं तो इस करियर फील्ड में जा सकते हैं। इसमें करियर बनाने के लिए बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट या बीएससी फिजियोथेरेपी जैसे बैचलर कोर्स की डिग्री कर सकते हैं।

इन फिजियोथेरेपी डिग्री कोर्स में प्रवेश लेते ही स्टूडेंट की इस फील्ड में जानें के लिए बुनियादी नींव बनाती है। जो आगे चल कर को हाई ट्रेंड प्रोफेशनल डॉक्टर्स बन जाते हैं। फिजियोथेरेपिस्ट एक्सरसाइज, थेराप्यूटिक प्रोसिजर्स और मसाज जैसे तरीकों से रोगियों का इलाज करते हैं।

बीएससी फिजियोथेरेपी ही क्यों चुनें?

यहां पर बीएससी फिजियोथेरेपी क्या है, और इसे कैसे करें ये जानने से पहले बात कर लेते हैं आखिर बीएससी फिजियोथेरेपी क्यों चुनें। जिससे इस फील्ड में आप जानें के लिए और क्लियरटी मिले। फिजियोथेरेपी में जानें कि ऐसे कई वजह हैं जो स्टूडेंट में जानें कि लिए आकर्षत होते हैं।

  • इन दिनों बीएससी फिजियोथेरेपी एक तरह का डिमांड वाला कोर्स है। इस कोर्स को कर चुकें कैडिडेंट को हेल्थ इंस्टिट्यूट, हॉस्पिटल, हेल्थ केयर कंपनी आदि में रखा जाता है।
  • इसमें पढाई करने या इसके बारे में नए-नए कांसेप्ट के बारे में पता चलता है और नई रिसर्च के नॉलेज से अवगत होते रहते हैं।
  • एंप्लॉयमेंट के दृष्टि से बात करें तो देश में ही नहीं बल्कि विदेश में फिजियोथेरेपी में डिग्री होल्डर्स के लिए बड़ी संख्या में जॉब के अवसर उपलब्ध हैं।
  • सरकारी और प्राइवेट सेक्टर दोनों क्षेत्र के में बीएससी फिजियोथेरेपी कैडिडेंट की भर्ती होती रहती हैं। इन दोनों सेक्टर में फिजियोथेरेपी का कोर्स करके कैडिडेंट को अच्छी खासी सैलरी मिलती है। और इसमें सैलरी के बढ़ती रहती और फ्युचर में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।

बीएससी फिजियोथेरेपी क्या होती है?

ऐसे कई स्टूडेंट होते हैं जो हेल्थकेयर फील्ड में जाना चाहते हैं। बैचलर ऑफ साइंस या बीएससी इन फिजियोथेरेपी एक अंडर ग्रेजुएट कोर्स है। इस कोर्स की अवधि 3 वर्ष की होती है। ये डिग्री कोर्स सबसे पॉपूलर मेडिकल साइंस कोर्सेज में से एक में एक है।

बीएससी फिजियोथेरेपी कोर्स में, स्टुडेंट को फिजियोलॉजी, ह्यूमन एनाटॉमी, बायोमैकेनिक्स, फार्माकोलॉजी, मेडिकल और सर्जिकल कंडीशन आदि जैसे सब्जेक्ट से संबंधित कई प्रिंसिपल्स के साथ कुशल बनाया जाता है।

इसमें स्टुडेंट को थियोरिटीकल नॉलेज देने के साथ-साथ यह कोर्स एंपैथी और कम्युनिकेशन जैसे सॉफ्ट स्किल सेट के डेवलपमेंट पर भी कार्य करता है। जिससे आगे चल कर स्टूडेंट अपने करियर में काम करने में आसान हो। और फिजियोथेरेपिस्ट को उन्हें मानसिक और शारीरिक दर्द दोनों में ठीक करने में आसानी हो।

बीएससी फिजियोथेरेपी कैसे करें? देखें स्टेप्स  

यहां पर अब तक दी गई जानकारी से आप इसमें करियर बनाने की ठान चुके हैं, तो यहां पर जान लेें कैसे बीएससी फिजियोथेरेपी कर सकते हैं। किन स्टेप्स को फॉलो करके आप फिजियोथेरेपिस्ट बन सकते है।

  1. सबसे पहले आप को अपनी स्कूलिंग कंप्लीट करनी होगी। जिसमें 12वीं में खासकर इस चीज़ का ध्यान रखें कि आपके मुख्य विषय फिजिक्स, केमेस्ट्री, और बायोलॉजी जैसे होने चाहिए।
  2. स्टूडेंट को अपनी स्कूली स्कूलिंग कंप्लीट होने के बाद फिजियोलॉजिस्ट बनने के लिए एंट्रेस एग्जाम की पिपरेशन कर सकते हैं। देश में मुख्य तौर पर NEET जैसे एक्जाम की तैयारी कर सकते हैं।
  3. इसके बाद में स्टूडेंट एंट्रेस एग्जाम क्लॉलाई करने पर फिजियोथेरेपी में B.Sc. डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। ये कोर्स सामान्यत: 3 से 4 वर्ष का होता है।
  4. फिजियोथेरेपी में ग्रेजूएशन करने के बाद में आप या फिर जॉब करें या आगे की पढाई कर सकते हैं।
  5. आप अपनी जॉब में बेहतर अवसरों के लिए एक पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री भी प्राप्त कर सकते हैं। आप एमएससी फिजियोथेरेपी जैसी पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। इन कोर्सेज की अवधि सामान्यत: 2 वर्षों की होती है।

टॉप भारतीय यूनिवर्सिटीज़

देश में ऐसे कई बीएससी फिजियोथेरेपी के कोर्स के लिए टॉप भारतीय यूनिवर्सिटीज़ हैं यहां से आप अपनी फिजियोथेरेपी में यूजी और पीजी कर सकते हैं।

  • सैंट जोन्स मेडिकल कॉलेज, बैंगलोर
  • एमएस रमैया मेडिकल कॉलेज, बैंगलोर
  • सेठ जीएस मेडिकल कॉलेज
  • मद्रास मेडिकल कॉलेज
  • किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी
  • ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ फिजिकल मेडिसिन एंड रीहैबिलिटेशन
  • इंस्टिट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च
  • लोकमान्य तिलक म्युनिसिपल मेडिकल कॉलेज
  • इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी
  • हमदर्द इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च

करियर स्कोप

सफलतापूर्वक कोर्स कर चुकें कैडिडेंट का इस फील्ड में करियर ब्राइट है। आप को बता दें कि  हॉस्पिटल्स, स्कूल्स, रीहैबिलिटेशन सेंटर्स, प्राइवेट ऑफिसेज तक में ऐसे लोगों की जरुरत होती है। यहां पर हम मान सकते है, कि लगभग हर इंडस्ट्री में फिजियोथेरेपिस्ट की आवश्यकता होती है। इसके कारण बीएससी फिजियोथेरेपी का विकल्प छात्रों के लिए नौकरी के कई अवसर प्रदान करता है। हालांकि कोर्स को पूरा करने के बाद आप दिए गए टॉप जॉब प्रोफाइल और एम्प्लॉयमेंट एरियाज का पता लगा सकते हैं जहां आप काम कर सकते हैं। वही यहां पर इस फील्ड के टॉप रिक्रूटर्स कौन सी कंपनी इसके बारे में जान सकते हैं। जिससे आप जॉब्स को सर्च करने में आसानी हो जाए।

  • अपोलो हॉस्पिटल
  • मैक्स हेल्थ केयर इंस्टिट्यूट्स
  • डॉक्टर लाल पाथलैब्स
  • जामिया हमदर्द
  • जीवा आयुर्वेदा

बीएससी फिजियोथेरेपी के लिए स्किल्स

जैसी आप पहले ही बीएससी फिजियोथेरेपी के काफी कुछ बता चुकें है और आप इसमें करियर बनाते हैं को कुछ जरुरी स्किल्स हैं, आवश्यक इनके बारे में जरुर जानना चाहिए। यानि ये खास स्किल्स आप के अंदर हैं तो इस फीड्ल में काम करना काफी आसान हो जाता है। 

  • कम्युनिकेशन और इंटरपर्सनल स्किल्स
  • टीम वर्किंग स्किल्स
  • फिजिकल अवेयरनेस
  • क्रिएटिव थिंकिंग स्किल्स
  • ऑब्जर्वेशनल स्किल्स
  • टाइम मैनेजमेंट और मल्टीटास्किंग स्किल्स
  • काइंडनेस और पेशंस
  • वर्क एथिक

जॉब प्रोफाइल्स और सैलरी

फिजियोथेरेपी में यूजी और पीजी करने के बाद में कैडिंडेट को कई करियर जॉब प्रोफाइल्स मिलते हैं, जिसमें आप की इच्छा और स्किल्स मजबूत हैं, तो अपना सकते हैं।

जॉब प्रोफाइल्सऔसत सालाना सैलरी
फिजियोथेरेपिस्टINR 2.5-3.5 लाख
रिसर्चरINR 5-7 लाख
लेक्चररINR 3-4 लाख
होम केयर फिजियोथेरेपिस्टINR 3.5-4.5 लाख
स्पोर्ट्स फिजियो रीहैबिलिटेटरINR 4-5 लाख
थेरेपी मैनेजरINR 5-8 लाख

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