Bacteriologist kaise bane : How to become a Bacteriologist? career in bacteriology?

Bacteriologist kaise bane

Bacteriologist kaise bane :  क्या आप को अपनी साइंस प्रैक्टिकल दौरान आपको छोटे-छोटे बैक्टीरिया को माइक्रोस्कोप से देखना अच्छा लगता है? क्या आप लेबोरेटरी में एक प्रोफेशनल के तौर पर काम करना चाहते?  क्या आप अलग-अलग बैक्टीरिया से मिलने वाले ज़रूरी केमिकल के साथ नई दवाइयाँ बनाने में भी हेल्प करना चाहतें है ? तो आप के लिए जीवाणुविज्ञानी (बैक्टीरिओलॉजिस्ट) के तौर पर करियर बनाना अच्छा साबित हो सकता है।

इस लेख में करियर पीडिया आप के लाया है, बैक्टीरिओलॉजिस्ट कैसे बनें इस करियर ऑप्सन महत्वपूर्ण इंनफार्मेशन। तो चलिए सबसे पहले आप को बतातें है आज के इस लेख में बैक्टीरिओलॉजिस्ट कैसे बनें  (Bacteriologist kaise bane ) इस करियर ऑप्सन के तहत  What is bacteriology? Who is bacteriologist?,  Career in bacteriology  bacteriologist career scope,  bacteriologist Skill,  bacteriologist Job Responsibilities,  How to become a Bacteriologist?  bacteriologist Eligibility, Education qualification,  bacteriologist Course, Entrance exam, Top Collage and university, Top recruiter,  Salary in bacteriology, आदि का बारे में जानेगें।

Bacteriologist kaise bane : How to become a Bacteriologist? career in bacteriology?

बैक्टीरिया क्या है / What is Bacteria ?

बैक्टीरिया (Bacteria) जिन्हें हिन्दी में जीवाणु कहा जाता है, पृथ्वी पर पाए जाने वाले कुछ सबसे पहले जीवों में से एक हैं। बैक्टीरिया एकल कोशिका वाले जैविक इकाई हैं जिन्हें इंसानी आँखों से देखा जाना संभव नहीं है। बैक्टीरिया पृथ्वी पर सभी प्रकार के वातावरण और स्थानों पर मौजूद हैं। यह मिट्टी, पानी, कचरे, जमीन के आंतरिक हिस्सों इत्यादि अधिकांश जगहों पर उपस्थित रहते हैं। जीवाणु अन्य जीवों जैसे मनुष्य, पशु इत्यादि और पौधों के शरीर के अन्दर परजीवी के तौर पर भी जीवित रहते हैं। माना जाता है कि पृथ्वी पर जीवन से पहले बैक्टीरिया पाए थे।

What is bacteriology?

बैक्टीरिओलॉजी एक माइक्रोबयोलॉजी की एक ब्रांच है।  बैक्टीरिओलॉजी  में बैक्टीरिया, वायरस और अन्य सभी प्रकार के सूक्ष्मजीवों का स्टडी शामिल है। बैक्टीरिओलॉजिस्ट ख़ास तौर पर अलग-अलग तरह के बैक्टीरिया (ये ऐसे सूक्ष्मजीव होते हैं जिन्हें माइक्रोस्कोप के      अंदर ही देखा जा सकता है ) से  जुड़े आकार, उनके लक्षण, डेवेलपमेंट उनकी केमिकल रिएक्शन  को गौर से देखने, पढ़ने और उनके बारे में पता लगाने का काम करते हैं।

father of bacteriology?

जीवाणुओं का पता सर्वप्रथम एंटोनी वॉन ल्यूवेन्हॉक (1683) ने लगाया था। इनको जीवाणु विज्ञान का जनक (father of bacteriology) कहा जाता है। एरनबर्ग (1829) ने इन्हें जीवाणु (bacteria) नाम दिया। फ्रांस के वैज्ञानिक लुई पाश्चर (1876) ने बताया कि किण्वन (fermentation) की क्रिया जीवाणुओं द्वारा होती है। इसलिए इनको सूक्ष्म जीव विज्ञान (microbiology) का जनक तथा रोबर्ट कोच को आधुनिक जीवाणु विज्ञान (father of modern bacteriology) का जनक कहा जाता है।

जीवाणुओं का आर्थिक महत्व और बैक्टीरिया के लाभ/  What is the economic importance of bacteria?

जीवाणु हमारी क्रियाओं के लिए अत्यंत आवश्यक होते हैं। कई प्रकार के जीवाणु या बैक्टीरिया मनुष्य के लिए अत्यधिक उपयोगी होते हैं। जीवाणुओं का आर्थिक महत्व की बात करें तो  कृषि (agriculture) , डेरी (In dairy),  औषधियां (Medicines), औद्योगिक महत्व (Industrial value), आदि फील्ड में जीवाणुओं का आर्थिक महत्व होता है। कुछ एंटीबायोटिक दवाओं जीवाणुओं की क्रिया से बनाई जाती हैं, तो वहीं कई प्रकार के मनुष्य को हानि पहुंचाते हैं।

Who is a Bacteriologist? बैक्टीरियोलॉजिस्ट कौन है?

जैसा कि नाम से पता चलता है, एक बैक्टीरियोलॉजिस्ट (Who is a Bacteriologist )एक वैज्ञानिक होता है जो बैक्टीरिया का स्टडी करता है। वे विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया की ग्रोथ, विकास, विशेषताओं और जैविक संरचना का स्टडी करते हैं। एक बैक्टीरियोलॉजिस्ट मुख्य रूप से बैक्टीरिया की दुनिया में रोग का निदान, निदान और रोग निगरानी से संबंधित है।

बैक्टीरियोलॉजिस्ट बैक्टीरिया और उनकी प्रकृति के रिसर्च और लैब्स में टेस्टिंग को लीड करतें हैं।  उनके टेस्टिंग के आधार पर, उपचार विकसित किए जाते हैं। एक बैक्टीरियोलॉजिस्ट एक वैज्ञानिक होता है न कि एक डॉक्टर जो जीवाणु रोगों की ओर जाता है।

बैक्टीरियोलॉजिस्ट कैसे बनें? bacteriologist kaise bane ?

बैक्टीरियोलॉजी के क्षेत्र में कोई स्पेशल, यूजी, पीजी या डॉक्टरेट की डिग्री नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक छात्र को बैक्टीरियोलॉजिस्ट बनने के लिए माइक्रोबायोलॉजी में डिग्री हासिल करनी होती है। बैक्टीरियोलॉजी, माइक्रोबॉयोलॉजी (सूक्ष्म जीव विज्ञान) का एक सबब्रांच है। कई छात्रों को यह नहीं पता होता है कि उन्हें किस उम्र या ग्रेड से करियर की दिशा में काम करना शुरू करना चाहिए।

बैक्टीरियोलॉजिस्ट जैसे प्रोफेशन में जानें के लिए  आपको हाई स्कूल में साइंस स्ट्रीम लेने की आवश्यकता होती है। बैक्टीरियोलॉजिस्ट बनने के लिए आपको हाई स्कूल से ही संबंधित विषयों की तैयारी शुरू करनी होगी।

10 वीं पास करने के बाद, सुनिश्चित करें कि आप जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित और भौतिकी को अपने मुख्य विषयों के रूप में लें। यानि की बैक्टीरियोलॉजिस्ट बनने के लिए जीव विज्ञान, भौतिकी और रसायन विज्ञान यानि पीसीबी के साथ 10+2 होना जरुरी है।

यूजी में बॉयोलॉजी, माइक्रोबॉयोलॉजी, बॉयोकेमिस्ट्री, सेल बॉयोलॉजी या इससे संबधित बैचलर डिग्री लें सकतें है। बैक्टीरियोलॉजिस्ट बनने  के लिए ग्रेजूएशन डिग्री में माइक्रोबायोलॉजी में बी.एससी है।

भारत में कॉलेज छात्रों के आवेदन दो तरह से लेते हैं। या तो कॉलेज छात्रों को योग्यता के आधार पर या प्रवेश परीक्षा के माध्यम से स्वीकार करता है। प्रवेश परीक्षा के मामले में, सुनिश्चित करें कि आप डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश के लिए न्यूनतम कटऑफ पास करते हैं।

अंतिम वर्ष में इंटर्नशिप माइक्रोबायोलॉजिस्ट बनने की आपकी यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे आपको यह समझने में भी मदद मिलेगी कि किस तरह का जॉब प्रोफाइल आपको सूट करता है।

इसके बाद में या इससे संबधित मास्टर डिग्री में लें सकते है। मास्टर डिग्री हासिल करने में सक्षम होने के लिए आपको अपनी स्नातक की डिग्री पर न्यूनतम 50% की आवश्यकता होगी।

बैक्टीरियोलॉजिस्ट बनने के लिए, एक सामान्य प्रवेश परीक्षा जैसे IPU CET, DUEE, JNUEE, आदि दे सकतें है।

इन मास्टर कोर्सों में में प्रवेश के बाद, आपका सिलेब्स बैक्टीरियोलॉजी जैसे विभिन्न साइन्स में विभाजित हो जाएगा।

आपके मास्टर कोर्स में बहुत सारे लेब्स रिचर्स  और टेस्टिंग  शामिल होंगे।

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माइक्रोबायोलॉजी में बीएससी /BSc in Microbiology

अपनी 12 वीं कक्षा के बाद, आपको बैक्टीरियोलॉजिस्ट बनने के लिए माइक्रोबायोलॉजी में पीजी करना होगा। यह 3 साल का प्रोग्राम है। आपको इस ग्रेजूएशन कोर्स योग्यता के आधार पर १२वीं में साइन्स सब्जेक्ट के 55% न्यूनतम अंकों के आधार पर प्रवेश मिल सकता है। इस कोर्स को करने के लिए औसतन शिक्षण शुल्क 1.50-3.60 लाख हो सकता है।

माइक्रोबायोलॉजी में एमएससी / MSc in Microbiology

यदि आप बैक्टीरियोलॉजिस्ट के रूप में अपनी स्पेशलाइजेशन प्राप्त करना चाहते हैं तो मास्टर डिग्री को जरुर करना चाहिए। मास्टर कॉलेजों में आवेदन करने के लिए आपकी स्नातक की डिग्री में न्यूनतम 55% आवश्यक है। यह 2 साल का ग्रेजुएशन कोर्स है। जो आपकोमाइक्रोबायोलॉजी विशिष्ट अनुसंधान और प्रयोगशाला परीक्षण सिखाएगा। हालाकि देश के कुछ कॉलेज में प्रवेश लेने के लिए आप को एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ सकता है। इस कोर्स को करने के लिए औसतन शिक्षण शुल्क 2-4 लाख रुपये हो सकता है।

माइक्रोबायोलॉजी में पीएचडी (बैक्टीरियोलॉजी) /PhD in Microbiology (Bacteriology)

माइक्रोबायोलॉजी (बैक्टीरियोलॉजी) में डॉक्टर होने का विशेष बैज अर्जित करने के लिए, आपके पास उसी क्षेत्र में न्यूनतम 5 वर्ष का कार्य अनुभव होना चाहिए। आपके डॉक्टरेट विषय पर थीसिस और शोध में आपके 3-5 साल लगेंगे। आपको विश्वविद्यालय-विशिष्ट प्रवेश परीक्षाओं जैसे यूजीसी-नेट, गेट, सीएसआईआर (जेआरएफ), आदि को विश्वविद्यालय के पीएचडी कार्यक्रम में स्वीकार करने के लिए पास करना होगा ।    इस कोर्स को करने के लिए औसतन शिक्षण शुल्क 50,000-1,00,000 रुपये प्रति वर्ष  हो सकता है।

Job opportunities रोजगार के अवसर

आप किसी लेबोरेटरी जिसमें रिसर्च एंड डेवलपमेंट) या किसी ऑफिस में (इंटरनेट पर वर्चुअल रिसर्च करेंगे जिसे सेकंडरी रिसर्च भी कहते हैं) या क्लीनिकल रिसर्च (आप इंडियन क्लीनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट से एक सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं) करते हुए रिसर्च से जुड़े काम करेंगे।

आप कॉलेज, युनिवर्सिटी, रिसर्च इंस्टीट्यूट, फार्मासूटिकल कंपनियों या समान क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों, पैथोलॉजिकल या क्लीनिकल टेस्टिंग लेबोरेटरी, सेकंडरी रिसर्च या मार्केट रिसर्च करने वाली कंसल्टेन्सी वाली कंपनियों आदि में नीचे दिए गए पदों पर काम प्राप्त कर सकते हैं:

बैक्टीरियोलॉजिस्ट, वायरोलॉजिस्ट, रिसर्च एनालिस्ट, इम्यूनोलॉजिस्ट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, वायरोलॉजिस्ट, एपिडेमियोलॉजिस्ट, बायोलॉजिकल टेक्नीशियन आदि

Specialisations

  • सायनोबैक्टीरिओलॉजिस्ट
  • फार्मासूटिकल बैक्टीरिओलॉजिस्ट
  • बैक्टीरिओलॉजिस्ट (ह्यूमन मइक्रोबायोटा)
  • मरीन बैक्टीरिओलॉजिस्ट
  • जेनेटिसिस्ट (बैक्टीरिऑलोजी)
  • पर्यावरण संबंधी जीवाणु विज्ञानी (एनवायर्नमेंटल बेक्टीरिओलॉजिस्ट)

Top Collage & university

  • एम्स दिल्ली – अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई / AIIMS Delhi – All India Institute of Medical Sciences New
  • जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान संस्थान- जिपमर पुडुचेरी / Jawaharlal Institute of Postgraduate Medical Education and Research JIPMER Puducherry
  • मणिपाल विश्वविद्यालय (एमएएचई) – मणिपाल उच्च शिक्षा अकादमी/ Manipal University (MAHE) – Manipal Academy of Higher Education
  • केजीएमयू लखनऊ – किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी/ KGMU Lucknow – King George’s Medical University
  • उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई / Uttar Pradesh University of Medical Sciences, Saifai
  • गांधीग्राम ग्रामीण संस्थान, डिंडीगुल / Gandhigram Rural Institute, Dindigul
  • श्री गुरु गोबिंद सिंह त्रिशताब्दी विश्वविद्यालय, गुड़गांव Shree Guru Gobind Singh Tricentenary University, Gurgaon
  • अन्नामलाई विश्वविद्यालय, अन्नामलाई नगर / Annamalai University, Annamalai Nagar

Skills

एक Bacteriologist बनने के लिए आपको patience और research skills के साथ-साथ अन्य skills की ज़रूरत होती है, जो नीचे दी गई हैं।

  • Critical thinking
  • Analytical skills
  • Laboratory training
  • Microbial knowledge
  • Computer skills
  • Written communication (research papers के लिए)
  • Leadership qualities (bacteriologists आमतौर पर teams में काम करते हैं)

 Salary in bacteriology?

इस फील्ड में कैडिडेंट की सैलरी शुरुआती लेवल पर आप  हर महीना Rs.15,000 से लेकर Rs. 45,000 तक या उससे ज़्यादा हो सकती हैं। 1 से 6 सालों के अनुभव के बाद आप हर महीना Rs.20,000 से लेकर Rs.60, 000 तक या उससे ज़्यादा हो सकती हैं।

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