Aerospace Engineer kaise bane: How to Become a Aerospace Engineer?

Aerospace Engineer kaise bane

Aerospace Engineer kaise bane: क्या आप भी नीले बादलों के बीच उड़ान भरना चाहते हैं, क्या आपका भी सपना अंतरिक्ष की सैर करने का है, क्या विमान, अंतरिक्ष यान, सैटेलाइट और मिसाइलें आपको रोमांचित करती हैं, और चुनौतियां लेने से आपको सबसे अधिक आनंद मिलता है, यदि हां  तो एयरोस्पेस इंजीनियरिंग  आपके लिए एकदम सही करियर विकल्प है। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग आपको अंतरिक्ष रहस्यों को सुलझाने के लिए बनाई गई मशीनों के साथ-साथ  मैथमेटिकल और कम्प्यूटेशनल फ़ार्मुलों पर काम करने का अवसर देता है।

 

आज के इस लेख में करियर पीडिया आप के लिए लाया है, Aerospace Engineer kaise bane के तहत  What is Aerospace Engineering?,   career  in Aerospace Engineering,    How to make career in Aerospace Engineering?,    List of Courses in Aerospace Engineering,  Entrance exam,  Top Institute and university,  Top requiter, Career scope,  Salary आदि के बारे में…..

What is Aerospace Engineering /अंतरिक्ष इंजीनियरिंग क्या है?

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग उड़ने वाली मशीनों के डिजाइन और डेवलमेंट से संबंधित है। यह इंजीनियरिंग की लेटेस्ट ब्रांच में से एक है, और 19 वीं शताब्दी में संचालित उड़ान में पहले प्रयोगों के साथ शुरू हुआ।  एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के तहते स्पेक्राफ्ट, एयरक्राफ्ट, मिसालइल, और वेपन सिस्टम के डिजाइन, रिसर्च, मैन्युफैक्चरिंग मेंटेनेंस और प्रोडक्शन  किया जाता है।

जैसे-जैसे तकनीक आगे बढ़ी, दो स्पेशलाइज्ड सामने आईं, जिसमें पहली है एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग इसमें एयरक्राफ्ट,   हल्के विमान, ग्लाइडर, फिक्स्ड-विंग, हवाई जहाज और जेट, ऑटोग्योरोस और हेलीकॉप्टर जैसे विमान के के डिज़ाइन, रिसर्च और प्रोडक्शन से संबद्ध कार्य करते हैं। दूसरे शब्दों में, एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग मुख्य रूप से ऐसे एयरक्राफ्ट को डिजाइन करने में शामिल होते हैं जो पृथ्वी के वायुमंडल के भीतर उड़ान भरते हैं, जबकि एस्ट्रोनॉटिकल इंजीनियरिंग में स्पेसरक्राफ्ट  के  साइन्स और टेक्नोलॉजी के साथ काम करते हैं पृथ्वी के वायुमंडल के बाहर उड़ान भरते हैं।

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग (Aerospace Engineer kaise bane) में एयरक्राफ्ट और स्पेटक्राफ्ट के रिसर्च, डिजाइन,  मैन्युफैक्चरिंग मेंटेनेंस और प्रोडक्शन  आदि कार्यों को किया जाता है।  इसमें रॉकेट, एयरक्राफ्ट और   स्पेसक्राप्ट के भौतिक गुणों के पीछे विज्ञान और इंजीनियरिंग का अध्ययन शामिल है। यह डोमेन एक जटिल विषय है और इसके लिए अनिवार्य रूप से बेहतर उपकरणों की आवश्यकता होती है। एयरोस्पेस इंजीनियर एविएशन, स्पेस एक्सप्लोरेशन और डिफेन्स सास और रक्षा प्रणाली में नई तकनीक के विकास में  काम करते है।

Work of Aerospace Engineer

ऐरोस्पेस इंजीनियर (Aerospace Engineer kaise bane) के मुख्य काम स्पेस क्राफ्ट, एयरक्राफ्ट, सेटैलाइट और मिसाइल को डिज़ाइन करना होता है। डिजाइन के आकलन के लिए ये लोग प्रोटोटाइप का परीक्षण करते हैं।  इसके अलावा ऐरोस्पेस इंजीनियर  इंजन, एयरफ्रेम, विंग्स , लैंडिंग गियर, इंस्ट्रूमेंट्स  और कंट्रोल सिस्टम आदि का निर्माण अथवा इसके घटकों का डिजाइन करने का काम करते हैं। आमतौर पर ऐरोस्पेस इंजीनियर ऑफिस एनवायरमेंट में काम करते हैं, लेकिन किसी कारणवश वे मेनूफैक्चरिंग और टेस्टिंग फैसिलिटी सेंटर पर भी काम के लिए जाते हैं।

अधिकतर ऐरोस्पेस इंजीनियर (Aerospace Engineer kaise bane) सरकारी एजेंसियों और मेन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज में कार्य करते हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ चुनिंदा एयरोस्पेस इंजीनियरों को देश की इसरो और नासा जैसे अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर काम करने के लिए भी कुछ अच्छे Aerospace Engineer की नियुक्ति की जाती है।

How to become Aerospace Engineer

Education for Aerospace Engineering

जो स्टूडेंट एयरोस्पेस इंजीनियरिंग (Aerospace Engineer kaise bane) की फील्ड में करियर बनाने चाहते हैं जो स्टूडेंट को मेहनती, लगनशील, होना चाहिए।  एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में जाने वाले स्टूडेंट को अपने पढ़ाई पर पहले से ध्यान देना चाहिए। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में कोर्स करने के लिए स्टुडेंट को सबसे पहले 12th साइंस स्ट्रीम यानि  पीसीएस में 60% अंकों के साथ पास करना होगा।

इसके बाद में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में करियर बनाने के लिए स्टूडेंट ग्रेजुएशन डिग्री यानी बी.ई या फिर बी.टेक या बी.एस इसके आगे एमटेक कर सकतें है। 2 साल के लिए पीएचडी करें। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में कोर्स करने के लिए स्टुडेंट को सबसे पहले 12th साइंस स्ट्रीम यानि  पीसीएस में अच्छे अंकों के साथ   5 साल के लिए एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बी.टेक + एम.टेक (ड्योल डिग्री के बाद 2 साल के लिए पीएचडी कर सकते है।

भारत के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए, जेईई मेन और जेईई एडवांस में अच्छी रैंक प्राप्त करनी चाहिए।

एयरोस्पेस इंजीनियर बनने (Aerospace Engineer kaise bane)  के लिएएयरक्राफ्ट के  रखरखाव इंजीनियरिंग में लाइसेंस प्राप्त करने के लिए, डीजीसीए के तहत परीक्षा उत्तीर्ण करना महत्वपूर्ण है।

 

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग कोर्स / Courses in Aerospace Engineering

  • BSc. (Hons.) Aerospace Engineering
  • B.Tech in Aeronautical Engineering
  • B.Tech Aerospace Engineering
  • B.E in Aerospace Engineering
  • M.Tech in Aerospace Engineering
  • M.E in Aerospace Engineering
  • P.hd in Aerospace Engineering

Aerospace Engineering Course Eligibity

  • इन कोर्स में प्रवेश पाने के लिए स्टूडेंट को 12th में 50% अंकों न्यूनतम के साथ पास होना चाहिए। हालांकि कई कॉलेज 12th में 60% अंक भी मांगते है।
  • इन कोर्स में प्रवेश पाने के लिए स्टूडेंट को एट्रेंस एक्जाम में जैसे JEE Main, JEE Advanced  और फिर अन्य एक्जाम में अच्छा स्कोर होना चाहिए।
  • कुछ कॉलेजों/विश्वविद्यालयों की भी आयु सीमा होती है।

Aerospace Engineering Entrance Exams

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग  में कोर्स करने के लिए देश में कई  एट्रेंस एक्जाम आयोजित कराए जाते है। नेशनल लेवल से लेकर स्टेट लेवल के एट्रेंस एक्जाम है।

  • JEE Main
  • JEE Advanced
  • BITSAT
  • Vellore Institute of Technology Engineering Entrance Exam (VITEEE)
  • Indian Institute of Space & Technology Admission Test (ISAT)
  • Manipal University Online Entrance Exam
  • Graduate Aptitude Test in Engineering (GATE) (Postgraduate)

Free structure

देश सरकारी यानि आईआईटी में लगभग  3 लाख से लेकर 5 लाख के बीच फीस हो सकती है। देश के प्राइवेट कॉलेज या यूनिवर्सिटी में ये फीस लगभग 8 लाख से 10 लाख के बीच हो सकती है।  हर कॉलेज या यूनिवर्सिटी में ये फीस अलग-अलग होती है। इसके साथ ही यह भी बता दें कि हर कॉलेज या यूनिवर्सिटी में फीस समय- समय पर बदलती रहती है। लेटेस्ट जानकारी के लिए सबसे अच्छी सलाह यह है कि इन कॉलेज या यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं।

Top Institute & university

  • Indian Institute of Technology (IT)
  • College of Engineering, Anna University (CEG), Chennai
  • Birla Institute of Technology & Science (BITS), Pilani
  • Amity University, Noida
  • SRM Engineering College, Kanchipuram
  • Sastra University, Thanjavur
  • BMS College of Engineering (BMSCE), Bangalore
  • Bangalore Institute of Technology (BIT), Bangalore
  • Manipal Institute of Technology (MIT), Manipal
  • Jawaharlal Nehru Technological University (JNTU), Hyderabad

 Job Profile

  • Aerospace Designer Checker
  • Aircraft Production Manager
  • Mechanical Design Engineer
  • Assistant Technical Officer
  • Aerospace Engineer

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Career Scope in Aerospace Engineering

आज के समय मे अच्छे ऐरोस्पेस इंजीनियर (Aerospace Engineer kaise bane)  की काफी डिमांड है। Aerospace Engineering में एयरलाइंस, एयर फ़ोर्स, सरकारी अनुसंधान,कॉर्पोरेट अनुसंधान, हेलीकॉप्टर कंपनियां,फिक्स्ड विंग, एयरक्राफ्ट, रक्षा मंत्रालय,  मिसाइल,एयरशिप्स, विमानन कंपनियां,उपग्रह, अंतरिक्ष यान,अंतरिक्ष शिल्पअंतरिक्ष यात्री आदि जगहों पर कैरियर की अच्छी संभावनाएं हैं।

देश में धीरे-धीरे कई प्राइवेट कंपनियां ऐरोस्पेस (Aerospace Engineer kaise bane) इडंस्ट्री में आ रही हैं। ऐसे  एयरोस्पेस इंजीनियरिंग से संबधित कोर्स कर चुके कैडिडेंट के इन कंपनियां में अच्छे अवसर मिल सकतें है।  हालांकि कैडिडेंट को यह भी ध्यान रखता चाहिए कि किसी टॉप कॉलेज के कोर्स करें क्योंकि इस फील्ड में काम करने के लिए आप के अंदर स्किलसेट का होना बहुत ही जरुरी है। स्किल को बढ़ाने के लिए बेवनार, इंटर्नशिप, कार्यशालाएं आदि में जरुर भाग लेना चाहिए।

Top Recruiters

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग क्षेत्र (Aerospace Engineer kaise bane) की नौकरियों में कम से कम इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन डिग्री की आवश्यकता होती है। कई ऐसे एम्प्लॉयर जो विशेष रूप से जो इंजीनियरिंग कंसल्टिंग सर्विसेज प्रदान करते हैं, उन्हें एक सर्टिफाईड इंजीनियर की आवश्यकता होती है। निम्नलिखित एजेंसियां और संगठन हैं, जो एयरोस्पेस इंजीनियरों को रोजगार प्रदान करते हैं।

  • Air India
  • Defense Research and Development Laboratories
  • Civil Aviation Department
  • Aeronautical Development Establishment
  • National Aeronautical Lab (NAL)
  • Pawan Hans
  • Helicopter Corporation of India
  • Hindustan Aeronautical Ltd (HAL)
  • Indian Air Force
  • Private Airlines

Salary

एयरोस्पेस इंजीनियर (Aerospace Engineer kaise bane) की सैलरी स्किल, अनुभव पर निर्भर करती है। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की सैलरी शुरुआत में 6 लाख का सालान पैकेज मिल सकता है। हालाकि अगर कैडिडेंट ने किसी टॉप कॉलेज जैसे देश के आईआईटी से सफलता पूर्वक कोर्स किया है तो 15 लाख का सालाना पैकेज से शुरुआत हो सकती है। एयरोस्पेस इंजीनियर की सैलरी स्किल, अनुभव बढ़ने पर आप के सैलरी में भी बढ़ोत्तरी होती है।

 

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